नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन

नेपाल में युवाओं ने सोमवार को सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जेनरेशन जेड के युवाओं ने सड़कों पर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उग्र हो गई, जिसके चलते पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर संसद भवन में भी घुस गए। हालात को काबू में करने के लिए सेना को भी तैनात किया गया।
न्यू बानेश्वर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कुछ लोग घायल हुए। घायलों को एवरेस्ट अस्पताल, सिविल अस्पताल और आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। ‘हामी नेपाल’ संगठन ने मैतीघर में एक प्राथमिक चिकित्सा शिविर भी स्थापित किया, जहां छह से सात लोगों का उपचार चल रहा है।
प्रदर्शन सुबह 9 बजे काठमांडू के मैतीघर में शुरू हुआ। हाल के दिनों में ‘नेपो किड’ और ‘नेपो बेबीज’ जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। काठमांडू जिला प्रशासन के अनुसार, यह रैली ‘हामी नेपाल’ संगठन द्वारा पूर्व अनुमति लेकर आयोजित की गई थी। ‘हामी नेपाल’ के अध्यक्ष सुधन गुरुंग ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से सरकारी भ्रष्टाचार और हाल की कार्रवाइयों केखिलाफ था। देशभर में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। उन्होंने छात्रों से भी यूनिफॉर्म पहनकर और किताबें लेकर प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया।
सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को पंजीकरण कराने के लिए 28 अगस्त से सात दिन की समय सीमा दी थी। हालांकि, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, ट्विटर, रेडिट और लिंक्डइन जैसी बड़ी कंपनियों ने पंजीकरण नहीं कराया। इसके बाद सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया।
नेपाल सरकार का कहना है कि कुछ यूजर्स फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने, अफवाहें फैलाने और साइबर अपराध करने में लगे हुए थे, जिससे समाज में अशांति और असामाजिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही थी।





