विदेश

आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं: मेयर बालेन शाह ने किया ट्वीट

इस वक्त अपने इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहे नेपाल की सरकार GenZ के आंदोलन के विरोध ने गिरा दी है. राजधानी काठमांडू से लेकर पश्चिमी नेपाल तक फैली इस हिंसा में संसद, राष्ट्रपति भवन, नेताओं के घर और सरकारी दफ्तर तक पत्थरबाजी व आगजनी के भेंट चढ़ गए.

हालांकि स्थिति शांत होती दिख रही है. काठमांडू में संकट के बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने ट्वीट कर लिखा, “प्रिय जेन-ज़ी और सभी नेपालियों से मेरा अनुरोध है: देश इस समय एक अभूतपूर्व स्थिति से गुज़र रहा है. आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. कृपया इस समय घबराएं नहीं; धैर्य रखें.

अब देश को एक अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो देश में नए चुनाव कराएगी. इस अंतरिम सरकार का काम चुनाव कराना और देश को एक नया जनादेश देना है. मैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इस अंतरिम/चुनावी सरकार का नेतृत्व सौंपने के आपके प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता हूं. मैं आपकी समझ, बुद्धिमत्ता और एकता का तहे दिल से सम्मान करता हूं. इससे पता चलता है कि आप कितने परिपक्व हैं.

मैं अपने उन दोस्तों से, जो इस समय नेतृत्व संभालने की जल्दी में हैं, यही कहना चाहता हूं कि देश को आपके जुनून, आपकी सोच और आपकी ईमानदारी की स्थायी रूप से ज़रूरत है, अस्थायी रूप से नहीं. इसके लिए चुनाव होंगे. कृपया जल्दबाजी न करें. माननीय राष्ट्रपति जी, जेन-ज़ी द्वारा लाई गई ऐतिहासिक क्रांति की रक्षा के लिए, एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाना चाहिए और संसद को अविलंब भंग किया जाना चाहिए.”

एयरलाइन ने दी राहत

इस संकट के बीच भारत की एयरलाइन इंडिगो ने यात्रियों को राहत दी है. कंपनी ने कहा कि 11 सितंबर से काठमांडू के लिए रोजाना चार फ्लाइट फिर से शुरू होंगी. इसके अलावा, रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर दो स्पेशल रिलीफ फ्लाइट भी चलाई जाएंगी, ताकि फंसे यात्रियों को सुरक्षित घर लाया जा सके. इन फ्लाइट्स के किराए भी कम रखे जाएंगे. इंडिगो ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उनके अपने लोगों से मिलने की चिंता हमारी प्राथमिकता है.

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button