वर्ल्ड फर्स्ट एड डे 2025: ज़रूरी फर्स्ट एड स्किल्स सीखना क्यों है अहम

हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार को वर्ल्ड फर्स्ट एड डे मनाया जाता है। इस साल यह दिन 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि आपात स्थिति में फर्स्ट एड यानी प्राथमिक उपचार कितना अहम होता है।
इस दिन की शुरुआत 2001 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज़ (IFRC) ने की थी। तब से हर साल इसे मनाया जाता है। इस मौके पर न सिर्फ उन लोगों को सम्मान दिया जाता है जिन्होंने समय पर फर्स्ट एड देकर किसी की जान बचाई, बल्कि आम लोगों को भी प्रेरित किया जाता है कि वे ज़रूरी प्राथमिक उपचार सीखें और ज़रूरत पड़ने पर आगे आएं।
फर्स्ट एड की ज़रूरी स्किल्स, जो हर किसी को आनी चाहिए
तेज़ खून बहना रोकना – अगर किसी व्यक्ति को चोट लगने से बहुत खून बह रहा है तो साफ कपड़ा या तौलिया घाव पर बांध दें ताकि खून का बहाव रुक सके।
सीपीआर (CPR) – यह सबसे अहम फर्स्ट एड स्किल है। किसी बेहोश और सांस न ले रहे व्यक्ति को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई जा सकती है।
सांस की जांच करना – अगर कोई व्यक्ति बेहोश है, तो सबसे पहले यह देखना ज़रूरी है कि वह सांस ले रहा है या नहीं। अगर सांस ले रहा है, तो उसे करवट पर लिटाकर उसका सिर थोड़ा पीछे झुका दें ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो।
जलने पर उपचार – हल्की जलन (फर्स्ट डिग्री बर्न) में ठंडे पानी से धोकर दवा और हल्की पट्टी लगाई जा सकती है। दूसरी और तीसरी डिग्री जलन पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
बर्फ की सिकाई – अगर गिरने या चोट लगने से सूजन हो गई है और खून नहीं बह रहा है, तो बर्फ की सिकाई करें।
चोकिंग (गला फंसना) – अगर किसी का गला फंस गया है तो उसे बैक ब्लोज़ या हाइमलिक मेन्यूवर देकर सांस का रास्ता साफ किया जा सकता है।
फर्स्ट एड क्यों है ज़रूरी?
अकसर मेडिकल इमरजेंसी में फर्स्ट एड जान बचाने में मदद करता है। कई बार समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से मरीज की हालत गंभीर होने से बच जाती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ मानते हैं कि हर किसी को फर्स्ट एड की बुनियादी जानकारी ज़रूर होनी चाहिए।
हर साल इस दिन कई संगठन जागरूकता अभियान और वर्कशॉप आयोजित करते हैं, ताकि लोग इन स्किल्स को सीखकर सही समय पर दूसरों की मदद कर सकें।





