महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी की अपील ‘नारी शक्ति को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक मौका’

New Delhi: Narendra Modi ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है। उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण कदम के समर्थन में एकजुट हों।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने लेख में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को बराबर का अवसर मिले। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाएं लगभग आधी आबादी हैं और हर क्षेत्र चाहे वह विज्ञान हो, खेल, सेना या उद्यमिता—में वे लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
लेकिन उन्होंने यह भी माना कि राजनीति और विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी अभी भी उतनी नहीं है, जितनी होनी चाहिए।
PM Modi ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण पर जोर दिया
कहा ‘Nari Shakti’ विकसित भारत 2047 की सबसे बड़ी ताकत होगी@PMOIndia @narendramodi #NariShakti #WomensReservation #ViksitBharat #PMModi #WomenEmpowerment #India2047 #elections2026 pic.twitter.com/5SNwDkP7ro— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) April 9, 2026
संसद में खास सत्र, ऐतिहासिक मौका
पीएम मोदी ने बताया कि 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े अहम संशोधनों पर चर्चा और निर्णय होगा।
यह बिल लागू होने के बाद लोकसभा की सीटें बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके साथ ही राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी आधार पर आरक्षण लागू किया जाएगा।
क्यों अहम है ये बिल
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी सिर्फ संख्या बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे फैसलों की गुणवत्ता और शासन की दिशा भी बेहतर होती है। महिलाओं के अनुभव और दृष्टिकोण से नीतियां ज्यादा समावेशी बनती हैं।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले कई दशकों से इस दिशा में प्रयास होते रहे, लेकिन अब जाकर यह ऐतिहासिक अवसर सामने आया है।
2029 चुनाव से लागू करने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले लोकसभा चुनावों खासकर 2029 तक महिला आरक्षण लागू हो जाए। हालांकि इसके लिए परिसीमन (delimitation) की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह देश के लोकतंत्र को और मजबूत करने का मौका है, जिसे अब और टाला नहीं जा सकता।
सभी दलों से एकजुट होने की अपील
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इस बिल का समर्थन करें।
उन्होंने कहा, “यह समय है जब हम मिलकर नारी शक्ति को सशक्त बनाएं और देश की प्रगति को नई दिशा दें।”





