उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, तुरंत प्रभाव से लागू

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह फैसला स्वास्थ्य कारणों से लिया है और कहा कि वह डॉक्टरों की सलाह का पालन करना चाहते हैं। उनका इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत राष्ट्रपति को सौंपा गया है।
जगदीप धनखड़ साल 2022 से भारत के उपराष्ट्रपति पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वह 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं। अपने इस्तीफे में जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी सांसदों का आभार जताया। राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में उन्होंने लिखा, “स्वास्थ्य की प्राथमिकता और डॉक्टरों की सलाह को मानते हुए, मैं उपराष्ट्रपति पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं।” धनखड़ ने लिखा, “मैं महामहिम राष्ट्रपति का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मेरा कार्यकाल बेहद सौहार्दपूर्ण और सहयोगी रहा।”
उन्होंने प्रधानमंत्री को भी धन्यवाद देते हुए लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का सहयोग मेरे लिए अमूल्य रहा। इस दौरान मैंने बहुत कुछ सीखा।”
धनखड़ ने अपने पत्र में सभी सांसदों का भी धन्यवाद किया और लिखा, “माननीय सांसदों से जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मुझे मिला, वह हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “भारत के इस महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में काम करने का अनुभव मेरे लिए बहुत गौरवपूर्ण रहा। देश के आर्थिक विकास और तेज़ प्रगति को इस दौरान नजदीक से देखने और उसका हिस्सा बनने का अवसर मिला, जो मेरे जीवन का सबसे खास अनुभव है।”
धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है। अब नए उपराष्ट्रपति के चयन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है।





