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काशी में लाखों दीप जलाकर आज मनाई जाएगी देव दीपावली, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

काशी में लाखों दीप जलाकर आज मनाई जाएगी देव दीपावली, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

दिवाली के बाद देश में हर साल देव दीपावली मनाई जाती है। भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर के संहार के उपलक्ष्य में देवों द्वारा स्वर्ग में दीपावली मनाई गयी थी इसी के बाद से इसे देव दीपावली के नाम से जाने जाना लगा। देवताओं की इस दीपावली को भगवान शिव की नगरी कशी में बड़े धूम -धाम से मनाया जाता है।

देव दीपावली या ‘देवताओं की दिवाली’ हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने की पूर्णिमा की रात को दिवाली के पंद्रह दिन बाद मनाया जाने वाला एक त्योहार है। देव दीपावली के चलते वाराणसी के घाटों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।

देवताओं की दीपावली यानी देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा को काशी में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार आज देव दीपावली पर वाराणसी में कुल करीब 11 लाख दीपक जलाए जाएंगे।

आज यानी शुक्रवार की शाम नमो घाट का उद्घाटन समारोह साढ़े 3 बजे से शुरू होकर साढ़े 5 बजे तक चलेगा, फिर सभी डेलिगेट्स नमस्ते की मुद्रा के स्थान दीपदान करके देव दीपावली की शुरूआत करेंगे और सभी घाटों पर दीपक जलना शुरू हो जाएगा। इसी कड़ी में नमो घाट पर आतिशबाजी भी होगी।

इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ नमो घाट पर राज्यपाल आनंदी बेन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के साथ दीप प्रज्वलन कर इस दीपोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके पश्चात काशी के 84 घाटों, कुंडों, सरोवरों की सीढ़ियों व देवालयों में लाखों दीप एक साथ जगमगा उठेंगे।

गौरतलब है कि आज शाम 5 बजकर 10 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 47 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा, इस शुभ घड़ी में भगवान की पूजा की जाएगी। देव दिवाली के दिन मीठे जल में दूध मिलाकर पीपल को चढ़ाएं। इसस मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। जबकि चावल का दान करने से चन्द्र ग्रह शुभ फल देता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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