भारत पर अमेरिकी टैरिफ का असर, सरकार कर रही है स्थिति का आकलन: पीयूष गोयल

केंद्र सरकार अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए नए टैरिफ (आयात शुल्क) के असर का आकलन कर रही है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि सरकार ने इस मसले पर निर्यातकों, उद्योगों और अन्य हितधारकों से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि उनकी चिंताओं को समझा जा सके। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई, उद्यमियों और उद्योग जगत के हितों को सबसे पहले रखती है और राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
#WATCH | US Tariffs | Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal says, “In less than a decade, India came out of ‘Fragile Five’ economies and it has now become the fastest-growing economy of the world. On the basis of the hardwork of reforms, farmers, MSMEs and… pic.twitter.com/0lfLIVv7CK
— ANI (@ANI) July 31, 2025
पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि भारत और अमेरिका के बीच मार्च 2025 से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) को लेकर बातचीत जारी है। इस समझौते का पहला चरण अक्टूबर या नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने आगे बताया कि 2 अप्रैल 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक नया कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी किया, जिसके तहत रिसीप्रोकल टैरिफ लागू किया गया। इसके तहत 5 अप्रैल 2025 से भारत से आयात पर 10% का बेस ड्यूटी लगाया गया और कुल मिलाकर 26% तक का शुल्क भारत पर लगाया गया।
#WATCH | US Tariffs | Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal says, “In March 2025, India and the US started talks for a just, balanced and mutually beneficial Bilateral Trade Agreement (BTA). The goal of this was to finish the first stage of the Agreement by… pic.twitter.com/NW1E7NMiwW
— ANI (@ANI) July 31, 2025
शुरुआत में यह अतिरिक्त शुल्क 9 अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अमेरिका ने इसकी समय सीमा पहले 90 दिन तक बढ़ाई, और फिर उसे और आगे बढ़ाकर 1 अगस्त 2025 कर दिया गया।
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस पूरे मामले की बारीकी से निगरानी कर रही है और भारतीय निर्यातकों व अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि इस स्थिति से देश के हितों को कोई नुकसान न हो।





