पाकिस्तान में 21 घंटे चली चर्चा, फिर भी अमेरिका–ईरान के बीच डील फेल

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई उच्चस्तरीय शांति वार्ता बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गई। करीब 21 घंटे तक चली इस लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्ष अंतिम सहमति तक नहीं पहुंच सके। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने रवाना होने से पहले कहा कि बातचीत में कुछ प्रगति जरूर हुई, लेकिन कुल मिलाकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
वेंस ने कहा, “अच्छी खबर यह है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई, लेकिन बुरी खबर यह है कि हम समझौते तक नहीं पहुंच सके। यह स्थिति ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदायक है।” उन्होंने बताया कि अमेरिका ने अपने शर्तें स्पष्ट रूप से रखी थीं, जिनमें परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे, लेकिन ईरान इन शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हुआ।
‘बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके’: @JDVance
पाकिस्तान में हुई ऐतिहासिक शांति बातचीत के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच सहमति नहीं बन सकी।@VP #BreakingNews #MiddleEast #GlobalSecurity #Israel #US #Iran #WorldNews #BreakingNews #NewsUpdate #DailyNewsDigest pic.twitter.com/V581zyzae2
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) April 12, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने बातचीत में काफी लचीलापन दिखाया, फिर भी समझौता नहीं हो पाया। वेंस के अनुसार, यह प्रस्ताव अमेरिका की “अंतिम और सर्वश्रेष्ठ पेशकश” थी। वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया ने आरोप लगाया कि अमेरिका की “अत्यधिक मांगों” के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
इस बीच, परमाणु अधिकारों और Strait of Hormuz से जुड़े मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, जो इस वार्ता की असफलता की मुख्य वजह माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विफलता से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।





