ईरान पर भारी पड़ा अमेरिकी हमला, दबाव में आया सीज़फायर: पीट हेगसेथ

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान ने भारी सैन्य दबाव के बाद युद्धविराम (सीज़फायर) की पहल की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी कमजोर कर दिया है।
पेंटागन में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में हेगसेथ ने बताया कि ऑपरेशन “Epic Fury” के तहत अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई से ईरान का मिसाइल प्रोग्राम लगभग निष्क्रिय हो गया है और उसकी नौसेना को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एक ही रात में करीब 800 हमले किए और ईरान के रक्षा ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया। उनका दावा है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य तैयारियों पर लंबे समय तक असर पड़ेगा। हेगसेथ ने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास ईरान को और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का विकल्प था, लेकिन ईरान के सीज़फायर मानने के बाद उन्होंने संयम बरता।
#WATCH | Washington, DC | United States Secretary of War, Pete Hegseth, says, “…President Trump forged this moment. Iran begged for this ceasefire, and we all know it…Operation Epic Fury was a historic and overwhelming victory on the battlefield…Operation Epic Fury… pic.twitter.com/dUSLl6FUvX
— ANI (@ANI) April 8, 2026
इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि इस संघर्ष के दौरान ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे। वहीं, जॉइंट चीफ्स के अधिकारी डैन केन ने कहा कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब सीज़फायर का स्वागत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संघर्ष के दौरान हजारों ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।





