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UPSC की तैयारी कर रही युवती ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी यह वजह

UPSC की तैयारी कर रही युवती ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी यह वजह

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर से UPSC की तैयारी करने वाले छात्र से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। यहाँ एक आईएएस एग्जाम की तैयारी कर रही एक छात्रा ने फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतका का नाम अंजलि है और वह महाराष्ट्र की रहने वाली थी। मरने से पहले उनसे तीन पन्नों को सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने हॉस्टल और पीजी वालों द्वारा स्टूडेंट्स के साथ की जा रही लूट का जिक्र किया है।

पुलिस ने बताया कि मृतका डिप्रेशन में थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में बताया है कि वह दिल्ली में कमरे के बढ़ते किराए से परेशान थीं। साथ ही उन्होंने सरकार से “सरकारी परीक्षाओं में घोटाले कम करने” और “रोजगार पैदा करने” का आग्रह किया है।

महाराष्ट्र की अंजलि ने बीती 21 जुलाई को खुदकुशी कर ली थी। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसने सबको हिलाकर रख दिया। अंजलि ने डिप्रेशन में आकर आत्महत्या की है और सुसाइड नोट में बताया कि कैसे यूपीएससी के छात्र दबाव में सिविल सेवा की तैयारी करते है। उनकी रोजमर्रा की परेशानियों का जिक्र भी सुसाइड नोट में किया गया है।

अपने सुसाइड नोट में अंजलि ने लिखा “…मैंने बहुत कोशिश की निकलने की आगे बढ़ने की पर नहीं हो पाया. मैंने बहुत कोशिश की डिप्रेशन से बाहर निकलने की लेकिन संभव नहीं हुआ.. मेरा सिर्फ एक सपना था…. यूपीएससी पहली बार में क्लीयर करने का. आप सब लोगों ने मुझे बहुत स्पोर्ट किया. लेकिन अब मुझसे नहीं हो पा रहा है… मैं बहुत असहाय महसूस कर रही हूं और अब मैं जा रही हूं…किरण आंटी थैंक्स … आप हमेशा मेरे साथ खड़ी रही. आखिर में छात्रा ने एक स्माइल भी सुसाइड नोट में बनाई…”

जानकारी मिली है कि अंजलि जिस कमरे में रहती थी उसका किराया 15,000 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया। अंजलि ने 11 जुलाई को अपनी दोस्त श्वेता से व्हॉट्सऐप चैट पर कमरे का किराया बढ़ाया जाने का जिक्र किया था। अंजलि ने व्हाट्सएप चैट के दौरान यह भी कहा था कि उसके PG का रेंट बढ़ा दिया गया है। इसलिए वह PG छोड़ना चाहती है। श्वेता के मुताबिक, शाम को जब वह रूम आई तो देखा कि अंजलि फंदे से लटकी हुई थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि ये मामला उनके संज्ञान में है वो जांच कर रहे हैं।  

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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