UP में 84 लाख नए वोटर जुड़े, कुल मतदाता 13.39 करोड़ के पार

Uttar Pradesh में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। शुक्रवार को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल वोटरों की संख्या बढ़कर 13.39 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि 84 लाख से अधिक नए मतदाताओं के जुड़ने से हुई है, जो राज्य की चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकती है।
SIR प्रक्रिया और प्रशासनिक कवरेज
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa के अनुसार, यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चला। इस दौरान पूरे राज्य के 75 जिलों, 403 विधानसभा क्षेत्रों और सभी मतदान केंद्रों को कवर किया गया। इस व्यापक अभ्यास में बड़ी संख्या में चुनाव अधिकारियों, बूथ स्तर के कर्मियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट किया जा सका।
नए मतदाता और बदलता जनसांख्यिकीय संतुलन
अंतिम आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 13,39,84,792 तक पहुंच गई है, जिसमें पुरुष मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 54 प्रतिशत और महिलाओं की करीब 45 प्रतिशत है। 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो युवा भागीदारी को दर्शाती है। साथ ही जेंडर रेशियो में सुधार हुआ है, जो अब प्रति 1000 पुरुषों पर 834 महिलाओं तक पहुंच गया है।
जिलों में वृद्धि और चुनावी असर
प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मतदाता आधार तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नए मतदाताओं के जुड़ने से आने वाले चुनावों में राजनीतिक दलों की रणनीति और परिणाम दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में यह बढ़ोतरी न केवल लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करती है, बल्कि आगामी चुनावों को और अधिक प्रतिस्पर्धी भी बना सकती है। नए मतदाताओं की भूमिका राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।





