दो साल पुराने गाजा युद्ध का अंत, छह सप्ताह के युद्धविराम से शुरू हुई शांति प्रक्रिया

गाजा पट्टी में दो वर्षों से जारी खूनी संघर्ष के बीच आखिरकार शांति की किरण दिखाई दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सुझाई गई गाजा शांति योजना के पहले चरण पर इजरायल और हमास के बीच समझौता हो गया है। ट्रंप ने बुधवार की रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इसकी घोषणा की और कहा कि यह “एक मजबूत और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम है।” यह युद्धविराम गुरुवार दोपहर 12 बजे (काहिरा समयानुसार) यानी भारतीय समयानुसार 1:30 बजे से लागू हो गया है। यह प्रारंभिक चरण छह सप्ताह तक चलेगा, जिसके दौरान दोनों पक्ष शांति बहाली और आपसी विश्वास बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।
हमास ने घोषणा की है कि वह अपने कब्जे में मौजूद करीब 100 जीवित इजरायली बंधकों को चरणबद्ध तरीके से रिहा करेगा। यह प्रक्रिया 11 या 12 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है। इसके बदले में इजरायल करीब 1,950 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें से कुछ उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। समझौते के तहत गाजा में पांच मानवीय सहायता केंद्र खोले जाएंगे, जहां खाद्य सामग्री, पानी, दवाइयां और आवश्यक वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इजरायल ने सहायता सामग्री पर लगी पाबंदियों को ढील देने का आश्वासन दिया है। इजरायली सेना (IDF) भी अगले 24 घंटों के भीतर घनी आबादी वाले क्षेत्रों से पीछे हटेगी और तथाकथित “येलो लाइन” पर अपनी स्थिति मजबूत करेगी। हालांकि, गाजा का करीब 53 प्रतिशत क्षेत्र अभी भी इजरायली नियंत्रण में रहेगा। इस समझौते में कतर, मिस्र और तुर्की ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। कतर ने पुष्टि की है कि पहले चरण के सभी प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन के तरीकों पर सहमति बन चुकी है। हमास ने भी बयान जारी कर कहा कि यह समझौता “युद्ध समाप्त करने, कब्जे वाली सेना की वापसी, सहायता की अनुमति और कैदियों की अदला-बदली” से जुड़ा है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार गुरुवार को आधिकारिक रूप से इस समझौते को मंजूरी देगी। उन्होंने इसे “इजरायल के लिए महान दिन” बताया। उधर, ट्रंप ने अपने बयान में कतर, मिस्र और तुर्की को इस “ऐतिहासिक और अभूतपूर्व समझौते” के लिए धन्यवाद दिया।
इस बीच, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इजरायली हमलों में कम से कम 10 फिलिस्तीनी मारे गए और 49 घायल हुए हैं। एक शव को पुराने हमलों के मलबे से भी बरामद किया गया है। 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 67,194 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि 1,69,890 लोग घायल हुए हैं। हजारों लोग अब भी मलबे के नीचे दबे माने जा रहे हैं। वहीं, इजरायल में 1,139 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 200 नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था।
गाजा युद्धविराम समझौता भले ही अस्थायी हो, लेकिन इसे स्थायी शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अगर दोनों पक्ष अपने वादों पर कायम रहते हैं, तो यह मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी हिंसा के अंत की शुरुआत साबित हो सकता है।





