ताज़ा खबरेंमनोरंजन

मुठभेड़ में मारे गए दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले दो आरोपी

बरेली में अभिनेत्री दिशा पटानी के पैतृक घर के बाहर बंदूकधारियों द्वारा गोलीबारी के कुछ दिनों बाद, बुधवार को गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में दो मुख्य आरोपी मारे गए. एक संयुक्त अभियान में, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संदिग्धों का पता लगाया, जिनकी पहचान ट्रोनिका सिटी के पास हरियाणा के रोहतक निवासी रविंदा उर्फ ​​कुल्लू और अरुण के रूप में हुई.

अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपियों को घायल अवस्था में पकड़ा गया था, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई. यूपी एसटीएफ के अनुसार, दोनों व्यक्ति कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बरार और राजस्थान स्थित रोहित गोदारा के गिरोह से जुड़े थे. पुलिस ने कहा कि वे बरेली की घटना के बाद से फरार थे और संयुक्त निगरानी के माध्यम से उन पर नज़र रखी जा रही थी.

पुलिस जांच के मुताबिक, 11 सितंबर को पांच शूटर बरेली पहुंचे थे और वे पंजाब होटल में रुके थे. हालांकि, इस दौरान एक शूटर की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद वह वापस लौट गया. बाकी चार शूटरों ने योजना के मुताबिक आगे बढ़ने का फैसला किया. उसी दिन ब्लैक रंग की स्पलेंडर बाइक और सफेद रंग की अपाचे बाइक पर सवार होकर चार शूटरों ने दिशा पाटनी के घर की रेकी की. स्पलेंडर पर नकुल और विजय बैठे थे, जबकि अपाचे बाइक पर अरुण और रविंद्र सवार थे.

25 से 30 राउंड हुई थी फायरिंग

बता दें कि 12 सितंबर को भी यही चारों शूटर दिशा पाटनी के घर पहुंचे थे. पुलिस के मुताबिक, फायरिंग रविंद्र ने की थी, जबकि बाइक अरुण चला रहा था. इस दौरान लगभग 25 से 30 राउंड फायरिंग हुई. फायरिंग के बाद से ही पुलिस ने आसपास के इलाकों के 2 हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर शूटरों की पहचान और लोकेशन का सुराग मिला.

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799 or Click Here

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button