ट्रंप के दोस्त चार्ली किर्क की हत्या, ट्रंप के लिए बड़ा झटका

वाशिंगटन में बुधवार को माहौल गमगीन था क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार्ली किर्क को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. किर्क रूढ़िवादी कार्यकर्ता और उनके करीबी सहयोगी थे और अधिकारियों के अनुसार यूटा वैली विश्वविद्यालय में एक लक्षित हमले में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
किर्क को “सत्य के लिए शहीद” बताते हुए ट्रंप ने इस मौके का इस्तेमाल शोक व्यक्त करने और “कट्टरपंथी वामपंथ” के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बयानबाजी घातक हिंसा को बढ़ावा दे रही है.
#WATCH | President Trump shares a message on the assassination of Charlie Kirk.
“I ask all Americans to commit themselves to the American values for which Charlie Kirk lived & died. The values of free speech, citizenship, the rule of law & the patriotic devotion & love of… pic.twitter.com/aX2fq0xu9O
— ANI (@ANI) September 11, 2025
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ग्रेट और यहां तक कि लेजेंड्री चार्ली किर्क की मृत्यु हो गई है.” ट्रंप के लिए चार्ली किर्क कितना अहमियत रखता था, यह इस बात से भी दिखता है कि 79 वर्षीय राष्ट्रपति ने रविवार तक सरकारी भवनों पर झंडों को आधा झुकाने का आदेश दिया है. राष्ट्रपति के आदेश के तुरंत बाद व्हाइट हाउस में अमेरिकी झंडे झुका दिए गए.
दरअसल, अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क उन प्रभावशाली लोगों के समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद की. राइट विंग वाले युवाओं को प्रेरित किया. चार्ली किर्क इलिनोइस के मूल निवासी थे. उन्होंने 18 साल की उम्र में राइट विंग छात्र समूह टर्निंग पॉइंट यूएसए की सह-स्थापना की और ट्रंप के शासनकाल में रिपब्लिकन पार्टी में एक उभरते सितारे के रूप में उभरे. बुधवार को एक विदेशी भाषण दौरे से अमेरिका लौटे ही थे कि उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह 31 वर्ष के थे.





