ट्रंप की BRICS पर 10% टैरिफ लगाने की धमकी

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले ब्रिक्स समूह के खिलाफ अपनी बयानबाजी और तेज़ कर दी. उन्होंने इसके सदस्यों से आयात पर 10% टैरिफ लगाने की अपनी धमकी दोहराई और चेतावनी दी कि अगर यह सार्थक रूप ले लेता है तो यह समूह “बहुत जल्द खत्म हो जाएगा”.
वाशिंगटन में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने किसी ख़ास देश का नाम लिए बिना कहा, “जब मैंने ब्रिक्स के छह देशों से इस समूह के बारे में सुना, तो मैंने उन पर बहुत ज़ोरदार प्रहार किया. और अगर वे कभी भी सार्थक रूप से बनते हैं, तो यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा. हम किसी को भी हमारे साथ खिलवाड़ करने की इजाज़त नहीं दे सकते.”
18 जुलाई को ‘GENIUS Act’ पर हस्ताक्षर करते समय ट्रंप ने कहा, ‘BRICS नाम का एक छोटा ग्रुप है जो अब तेजी से खत्म हो रहा है. उन्होंने डॉलर की बादशाहत को चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन मैंने साफ कर दिया कि BRICS से जुड़ने वाले किसी भी देश पर 10% टैरिफ लगेगा. इसके अगले ही दिन उनकी मीटिंग में कोई नहीं आया.’ ट्रंप का दावा है कि उनकी धमकी के बाद BRICS की मीटिंग में भागीदारी न के बराबर रही. यही नहीं, उन्होंने अमेरिका की आर्थिक ताकत और डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व को ‘दुनिया की जीत’ बताया. उन्होंने कहा, कि अगर हम डॉलर की रिज़र्व करंसी का दर्जा खो देंगे तो यह किसी विश्व युद्ध में हारने जैसा होगा.
राष्ट्रपति ने सबसे पहले 6 जुलाई को 10% टैरिफ की घोषणा की थी, जिसका निशाना उन्होंने ब्रिक्स समूह की “अमेरिका-विरोधी नीतियों” को बनाया था. उन्होंने अगस्त से ब्राज़ील से आयातित वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने की भी घोषणा की, साथ ही अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ब्राज़ील की “अनुचित” प्रथाओं की एक अलग व्यापार जाँच की भी घोषणा की.
ब्रिक्स नेताओं ने इस आरोप को खारिज कर दिया है कि उनका एजेंडा अमेरिका-विरोधी है. हालाँकि इस साल की शुरुआत में ब्राज़ील के राष्ट्रपति काल में एक संयुक्त मुद्रा के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया था, लेकिन समूह स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए एक सीमा-पार भुगतान प्रणाली – ब्रिक्स पे – विकसित कर रहा है.





