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रांची में आज आदिवासी संगठनों का बंद, सुरक्षा कड़ी, प्रशासन हाई अलर्ट पर

झारखंड की राजधानी रांची में आज आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद के चलते माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सिरम टोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल के सामने बन रहे फ्लाईओवर के रैंप को हटाने की मांग को लेकर यह बंद बुलाया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर रांची पुलिस ने 1000 से अधिक जवानों को तैनात किया है, और ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी व वीडियोग्राफी के जरिए उपद्रवियों पर नजर रखी जा रही है।

रांची जिला प्रशासन ने बंद को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। कंट्रोल रूम में पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। राजधानी के चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से किसी भी उपद्रवी को चिन्हित कर उस पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिरम टोली फ्लाईओवर के रैंप को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध जारी है। उनका कहना है कि यह रैंप केंद्रीय सरना स्थल के मुख्य द्वार के सामने आ रहा है, जिससे सरहुल और अन्य धार्मिक समारोहों के दौरान लाखों की भीड़ को कठिनाई होगी। इसे हटाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इससे पहले भी आदिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और अन्य 30 से अधिक विधायकों की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर विरोध दर्ज कराया था।

बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, दवा दुकान और परीक्षार्थियों को छूट दी गई है, लेकिन बाकी व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बंद के दौरान हिंसा, उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है।

इस बीच, झारखंड विधानसभा का बजट सत्र भी जारी है, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित 81 विधायकों की मौजूदगी है। वहीं, दूसरी तरफ शहर में चक्का जाम और बंद के कारण आम जनता ने भी अपने कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। रांची जिला प्रशासन के लिए आज का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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