1 जुलाई से देश में बदले यह नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

आज यानि 1 जुलाई से भारत में कई नियमों में बदलाव किए गए है, जिसका सीधा असर आम जनता के दैनिक रोजमर्रा की जिंदगी पर होने वाला है. इनमें एलपीजी सिरेंडर, रेलवे टिकट बुकिंग और क्रेडिट कार्ड से लेकर जीएसटी रिटर्न के नए दाम शामिल हैं. चलिए जानते हैं कि आखिर वो क्या कुछ बदलाव है जो आपके दैनिक रोमर्रा पर प्रभाव ड़ालने वाले हैं.
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में कमी
आज से कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुताबिक, दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर 58.5 रुपये, कोलकाता में 57 रुपये, मुंबई में 58 रुपये और चेन्नई में 57.5 रुपये प्रति सिलेंडर सस्ता हुआ है. ऐसा लगातार चौथा महीना है जब कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में गिरावट देखने को मिला है.
नए पैन कार्ड के लिए नियम
अब नए पैन कार्ड बनवाने के लिए अनिवार्य तौर पर आधार देना ही होगा. इससे पहले पैन कार्ड बनवाने के लिए किसी भी बर्थ सार्टिफिकेट या फिर कोई वैलिड डॉक्यूमेंट्स से काम चल जाता है. लेकिन सीबीडीटी ने अब आधार का वैरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है.
क्रेडिट कार्ड का बिल पेमेंट
क्रेडिट कार्ड को लेकर आरबीआई की तरफ से नया नियम लागू किया जा गया है. इसके बाद आज यानी एक जुलाई से सभी प्राइवेट और सरकारी बैंकों के कुछ नियमों में इसको लेकर बदलाव हो गया है. अब सभी क्रेडिट कार्डधारकों को भारत बिल पेमेंट सिस्टम के जरिए भुगतान करना होगा. इसके बाद से बिलडेस्क, इंफीबीम एवेन्यू, क्रेड और फोनपे जैसे प्लेटफॉर्म पर असर होगा.
यूपीआई के नियम
आज ये यूपीआई चार्जबैक का नया नियम भी लागू हुआ है. रिजेक्ट हुए चार्जबैंक क्लेम को अब तक फिर से प्रोसेस करने के लिए बैंकों को एनपीसीआई यानी नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन अब पिछले महीने की 20 तारीख को जो नए नियम का ऐलान किया गया है, उसके मुताबिक बिना एनपीसीआई की मंजूरी के ही बैंक चार्जबैंक क्लेम फिर से प्रोसेस कर पाएंगे.
रिजर्वेशन चार्ट
अब से पहले तक रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन रवाना होने से ठीक चार घंटे पहले जारी किया जाता था. लेकिन रेलवे में इसमें अब बदलाव किया है, क्योंकि पहले वेटलिस्ट पैसेंजर्स को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. अब एक जुलाई से रिजर्वेशन चार्ट आठ घंटे पहले ही बन जाएगा. इसके बाद आपकी ट्रेन अगर दोपहर 1 बजे रवाना होना है तो पिछली रात 8 बजे ही तैयार होकर जारी कर दिया जाएगा.
जीएसटी रिटर्न
अब जीएसटीएन यानी जीएसटी नेटवर्क ने ये घोषणा की है कि जीएसटीआर-3बी फॉर्म को एडिट नहीं किया जा सकेगा. इसके अलावा, कोई भी टैक्सपेयर्स तीन वर्षों के बाद पिछली डेट का भी जीएसटी रिटर्न नहीं फाइल कर पाएगा.





