स्प्रिंग ब्रेक के दौरान गायब हुई सुदीक्षा कोनांकी का अब तक कोई सुराग नहीं, परिवार ने खोई उम्मीद

भारतीय मूल की 20 वर्षीय अमेरिकी छात्रा सुदीक्षा कोनांकी को लापता हुए 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अमेरिका में प्री-मेड की पढ़ाई कर रही सुदीक्षा डोमिनिकन रिपब्लिक के पुंटा काना में स्प्रिंग ब्रेक के दौरान छुट्टियां मनाने गई थीं। उन्हें आखिरी बार 6 मार्च 2025 को रिउ रिपब्लिका रिसॉर्ट में देखा गया था, जिसके बाद से वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गईं।
सुदीक्षा के माता-पिता सुब्बारायुडु और श्रीदेवी अमेरिका में रहते हैं और अपनी बेटी की सलामती की उम्मीद लगाए हुए थे। हालांकि, 12 दिनों तक चले तलाशी अभियान में कोई ठोस सुराग न मिलने के बाद उन्होंने डोमिनिकन रिपब्लिक के अधिकारियों से सुदीक्षा को कानूनी रूप से मृत घोषित करने की अपील की है।
परिवार ने अपने फैसले के पीछे गहरे दुख और मानसिक तनाव का हवाला दिया। सुदीक्षा न केवल बड़ी बहन थीं, बल्कि अपने जुड़वां भाई-बहनों के लिए मां समान थीं। उनकी अनुपस्थिति ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है, और माता-पिता इस दर्दनाक अनिश्चितता से बाहर निकलने के लिए अंतिम कदम उठाना चाहते हैं।
सुदीक्षा 6 मार्च की रात दो दोस्तों और 22 वर्षीय अमेरिकी नागरिक जोशुआ रीबे के साथ थीं। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, जोशुआ आखिरी व्यक्ति था, जिसने सुदीक्षा को देखा था।
जोशुआ ने जांच एजेंसियों को बताया कि समुद्र में एक बड़ी लहर आई, जिसने सुदीक्षा को बहा लिया। उसने दावा किया कि वह खुद भी बेहोश हो गया था और जब होश आया, तब तक सुदीक्षा लापता हो चुकी थीं। अगले दिन उनके दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद तलाशी अभियान शुरू हुआ।
अमेरिकी एजेंसियों FBI और DEA, साथ ही डोमिनिकन रिपब्लिक की पुलिस और सशस्त्र बलों ने जमीन, समुद्र और हवा से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, अब तक केवल सुदीक्षा की सफेद नेटेड सारंग (परिधान) और चप्पलें समुद्र तट पर मिली हैं।
हालांकि सुदीक्षा के माता-पिता उन्हें मृत घोषित करवाने की प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं, लेकिन उनके करीबी दोस्त कृष्णा दुद्दुकुरी ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है। अब पानी के अंदर रडार तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे किसी नए सुराग मिलने की संभावना बनी हुई है। परिवार और दोस्त इस अनिश्चितता से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुदीक्षा का अब तक कोई पता न लगना इस मामले को और रहस्यमय बना रहा है।





