विजय चौक पर गणतंत्र दिवस समारोह का समापन, बीटिंग रिट्रीट में देशभक्ति की झलक

गुरुवार शाम को दिल्ली के विजय चौक पर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ हो रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद हैं। बीटिंग रिट्रीट समारोह भारत में गणतंत्र दिवस के समापन का प्रतीक माना जाता है। यह समारोह गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद यानी हर साल 29 जनवरी की शाम को आयोजित किया जाता है।
दिल्ली: बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के दौरान विजय चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस दौरान मौजूद रहे।#BeatingRetreat2026 #NationalFlagCeremony pic.twitter.com/tkAEYOcWfR
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) January 29, 2026
समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के बैंड लाइव संगीतमय प्रस्तुतियां पेश कर रहे हैं। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं, कर रही हैं। भारत में बीटिंग रिट्रीट समारोह पहली बार 1950 के दशक में महारानी एलिज़ाबेथ और प्रिंस फिलिप की राजकीय यात्रा के दौरान आयोजित किया गया था। तब से यह भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि देने वाला वार्षिक कार्यक्रम बन गया है।
इस साल के समारोह में विजय चौक पर बैठने के स्थानों का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों जैसे बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा के नाम पर रखा गया।
कर्तव्य पथ पर आयोजित औपचारिक परेड और इससे जुड़े अन्य कार्यक्रमों का मुख्य विषय इस बार राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ है। समारोह के निमंत्रण कार्डों पर इस अवसर का लोगो, बंकिम चंद्र चटर्जी की तस्वीर और ‘वंदे मातरम्’ का वाटरमार्क अंकित किया गया है।
इसके अलावा, 19 से 26 जनवरी तक कई शहरों में सेना और सीएपीएफ के बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ के ध्येय वाक्य पर आधारित विशेष प्रस्तुतियां दीं। बीटिंग रिट्रीट समारोह के चलते विजय चौक, कार्तव्य पथ और आसपास के मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंध हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।





