भारत

16 साल में सबसे जल्दी आया मानसून अब थमा, बंगाल की खाड़ी से फिर रफ्तार पकड़ने की उम्मीद

इस साल मानसून ने 16 वर्षों में सबसे जल्दी दस्तक देकर सभी को चौंका दिया, लेकिन अब उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम विकसित हो सकता है, जिससे मानसून फिर से सक्रिय होगा और देश के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा। दरअसल, इस बार मानसून ने 24 मई को ही केरल में एंट्री ले ली थी, जो कि सामान्य समय से काफी पहले है। लेकिन शुरुआती तेजी के बाद अब मानसून थम गया है। पिछले तीन दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश बेहद कम हुई है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून की चाल में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है, लेकिन इस बार शुरुआत में ही ठहराव आना असामान्य माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में खासतौर पर दक्षिण और मध्य भारत में बहुत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में अच्छी बारिश होने से अब तक औसत वर्षा सामान्य बनी हुई है। प्राइवेट एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, मानसून की पश्चिमी सीमा 26 मई से मुंबई के पास रुकी हुई है, वहीं पूर्वी सीमा 29 मई से पश्चिम बंगाल के बालूरघाट के पास ठहरी है।

फिलहाल मानसून की कोई बड़ी प्रगति अगले एक हफ्ते तक नहीं दिख रही है। उम्मीद है कि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के बाद यह दोबारा सक्रिय होगा। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। हालांकि, उत्तर भारत के कुछ पहाड़ी और मैदानी इलाकों में प्री-मानसून की हल्की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। साथ ही पूर्वोत्तर में नमी के कारण हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। लेकिन केरल, कर्नाटक, गोवा और दक्षिण के अन्य हिस्सों में बारिश बेहद कम रहने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार, 10 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जो 48 घंटों में विकसित होकर मानसून को फिर से गति देगा। इसके असर से 12 से 14 जून के बीच ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना होते हुए मानसून महाराष्ट्र तक पहुंचेगा। इसके बाद धीरे-धीरे यह केरल, तटीय कर्नाटक, गोवा और कोंकण क्षेत्र में दोबारा सक्रिय होगा।

मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून के बाद मानसून फिर से जोर पकड़ सकता है और धीरे-धीरे देश के बाकी हिस्सों को कवर करना शुरू करेगा। उत्तरी राज्यों में मानसून के जुलाई के मध्य तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, महाराष्ट्र में फिलहाल मानसून की चाल धीमी रहने की ही उम्मीद जताई गई है।

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें गिर सकती हैं। दक्षिण भारत में भी 4 जून को केरल और तटीय कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में भी गरज के साथ बारिश हो सकती है।

इस साल मानसून की शुरुआत भले ही सबसे तेज रही हो, लेकिन फिलहाल उसकी रफ्तार थम गई है। मौसम विभाग और विशेषज्ञों की नजर अब बंगाल की खाड़ी पर टिकी है, जहां बनने वाला नया सिस्टम मानसून को फिर से गति दे सकता है। यदि सब कुछ अनुकूल रहा, तो 12 से 14 जून के बीच यह दोबारा पूरे देश में सक्रिय होता नजर आएगा।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button