राज्यसभा में वंदे मातरम् पर गरमाई बहस, गृह मंत्री ने प्रियंका गांधी को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2025 – लोकसभा में हुई चर्चा के बाद आज राज्यसभा में भी वंदे मातरम् को लेकर विस्तृत परिचर्चा प्रारंभ हुई. ऊपरी सदन में इस महत्वपूर्ण विषय पर बहस की शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का सशक्त जवाब दिया.
गृह मंत्री का सशक्त बयान
राज्यसभा में अपना वक्तव्य देते हुए गृह मंत्री ने उन सदस्यों के सवालों का जवाब दिया जिन्होंने इस चर्चा की आवश्यकता पर प्रश्नचिह्न लगाया था. उन्होंने कहा, ‘सदन के कुछ माननीय सदस्यों की ओर से यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिरकार वर्तमान समय में वंदे मातरम् पर परिचर्चा करने की क्या आवश्यकता है. लेकिन मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि राष्ट्र की आत्मा से अटूट रूप से जुड़े इस पावन नारे की प्रासंगिकता अतीत में भी थी, वर्तमान में भी बनी हुई है और भविष्य में भी सदैव बनी रहेगी.’
संसद में अमित शाह ने क्या कहा?
- ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “वंदे मातरम् की दोनों सदनों में इस चर्चा से, वंदे मातरम् के महिमा मंडन से, वंदे मातरम् के गौरव गान से हमारे बच्चे, किशोर, युवा और आने वाली कई पीढ़ियां वंदे मातरम् के महत्व को भी समझेगी और उसको राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक प्रकार से आधार भी बनाएगी…”
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “वंदे मातरम् ने एक ऐसे राष्ट्र को जागरूक किया जो अपनी दिव्य शक्ति को भुला चुका था. राष्ट्र की आत्मा को जागरूक करने का काम वंदे मातरम् ने किया इसलिए महर्षि अरविंद ने कहा वंदे मातरम् भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है…”
- गृह मंत्री ने प्रियंका गांधी के उन आरोपों पर भी निशाना साधा जिनमें उन्होंने कहा था कि वंदे मातरम् पर यह चर्चा पश्चिम बंगाल के चुनावों को ध्यान में रखकर कराई जा रही है. अमित शाह ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि यह बहस सिर्फ इसलिए हो रही है, क्योंकि बंगाल में चुनाव होने वाले हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं बड़ी है.
- उन्होंने जोर देकर कहा, ‘वंदे मातरम् सिर्फ़ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है. यह पूरे देश का नारा है, यह भारत की आत्मा की आवाज़ है.’ आज भी जब हमारे सैनिक बॉर्डर पर सबसे बड़ा बलिदान देते हैं, जब हमारे पुलिस वाले अपनी जान देते हैं, तो एक ही आवाज़ उठती है… वंदे मातरम.’





