सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में BRS नेता के. कविता को दी जमानत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में BRS नेता के कविता को जमानत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक को 10 लाख रुपये का जमानत बांड भरने, गवाहों से छेड़छाड़ न करने और गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने के कविता को दोनों केस में 10-10 लाख का बेल बॉन्ड भरने के लिए कहा है. वह पासपोर्ट ट्रायल जज के पास सरेंडर करेंगी. सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी. कोर्ट ने ये भी कहा कि ट्रायल सहयोग करें. इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी भी की है कि विचाराधीन हिरासत को सजा में नहीं बदलना चाहिए. कविता पीएमएलए की धारा 45 के तहत लाभ की हकदार है. शिक्षित महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता. अदालतों को इस श्रेणी के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए.
के. कविता को इन शर्तों पर मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए के कविता को जमानत दे दी है. हालांकि अदालत ने उन्हें कुछ शर्तों पर जमानत दी है जिसका उन्हें पालन करना होगा. वह शर्तें निम्न हैं-
- अदालत ने उन्हें सबूतों से छेड़छाड़ न करने को कहा है.
- इसके साथ ही अदालत ने उन्हें गवाहों को भी प्रभावित न करने को कहा है.
- दोनों केस में 10-10 लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत दी गई.
- पासपोर्ट निचली अदालत के पास जमा करना होगा.





