सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की नई डिप्टी सीएम, समारोह में गूंजा — “अजित पवार अमर रहे”

महाराष्ट्र की राजनीति ने नई करवट ले ली है क्योंकि 1960 में बने महाराष्ट्र में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महिला ने महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री पद की गद्दी संभाली. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को आज NCP विधायक दल का नेता चुना गया. इसके बाद आज शाम 5 बजे उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
#WATCH मुंबई | एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। https://t.co/MInLvX6Mwy pic.twitter.com/h6fsILayoK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 31, 2026
बता दें कि 1960 में बने महाराष्ट्र में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई महिला महाराष्ट्र में ‘उपमुख्यमंत्री’ बनी है. महाराष्ट्र में इससे पहले कोई भी महिला मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री के पद पर बैठी नजर नहीं आई है. ऐसे में सुनेत्रा पावर महाराष्ट्र की राजनीति में इतिहास बनाया हैं.
कौन हैं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार धाराशिव ज़िले की रहने वाली हैं. वह एनसीपी के वरिष्ठ नेता पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं. सुनेत्रा पवार का बचपन धाराशिव के टेर में बीता.
सुनेत्रा पवार ये कहती रही हैं कि राजनीति और सामाजिक कार्य के प्रति उनका जुनून उनके पिता से उनमें आया, जो एक स्वतंत्रता सेनानी और गांव के रसूखदार व्यक्तियों में से थे. उन्होंने ये भी बताया है कि उनका बचपन घर-घर जाकर लोगों से मिलते हुए बीता.
पद्मसिंह पाटिल और शरद पवार की दोस्ती की वजह से सुनेत्रा और अजित पवार का विवाह हुआ. साल 1980 में शादी के बाद सुनेत्रा बारामती आ गईं. उस समय अजित पवार ने भी राजनीति में कदम नहीं रखा था. अजित पवार ने राजनीतिक करियर शुरू किया और उस समय शुरुआती कुछ सालों तक सुनेत्रा ने घर संभाला. इस दौरान सुनेत्रा ने अजित पवार के दूध के कारोबार में मदद की.
साल 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद शरद पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेकर लौटे. तब अजित पवार और सुनेत्रा पवार मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास यानी वर्षा बंगले में उनके साथ रहने लगे. उस समय देश में कंप्यूटर क्रांति अपने चरम पर थी. सुनेत्रा ने कंप्यूटर सीखने की ज़िद की और उन्होंने इस ज़िद को पूरा भी किया.





