शुभांशु की ऐतिहासिक उड़ान पर मां-पिता भावुक, बोले– आज सपना सच हुआ

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना हो गए हैं। वह Axiom-4 मिशन का हिस्सा हैं, जो निजी और सरकारी साझेदारी के तहत होने वाला भारत का पहला मिशन है। शुभांशु की इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ ही देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। शुभांशु के इस मिशन को लेकर उनके गृह नगर लखनऊ में उत्साह और गर्व का माहौल है। शहर के उनके घर, स्कूल और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। उनके परिवार के लोग भावुक हैं और हर किसी की नजरें अब अंतरिक्ष से जुड़ी इस खास उपलब्धि पर टिकी हैं।
शुभांशु की मां आशा शुक्ला ने बेटे की उड़ान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम अपनी भावनाएं शब्दों में नहीं बयां कर सकते। हमें किसी तरह का डर नहीं है, सिर्फ गर्व और खुशी है।” उन्होंने बताया कि शुभांशु की यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए भावनात्मक क्षण लेकर आई है।
शुभांशु के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा कि यह पल सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि मिशन का लॉन्च दोपहर 12 बजे हुआ और सभी लोग टीवी पर इसे लाइव देख रहे हैं।
#WATCH | Mother of IAF Group Captain & astronaut Shubhanshu Shukla, Asha Shukla says, “…We cannot describe this in words…We are not scared (for Group Captain Shubhanshu Shukla) at all…We are delighted, we are very proud.” https://t.co/WxV35EmuNB pic.twitter.com/CfIRHsfuRE
— ANI (@ANI) June 25, 2025
अंतरिक्ष में रवाना होने से पहले शुभांशु शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “25 जून की सुबह जब हम धरती छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं, मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जो इस मिशन से जुड़े हैं। खासकर अपनी पत्नी कामना को – तुम्हारे बिना यह मुमकिन
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Axiom-4 मिशन को कई तकनीकी समस्याओं और खराब मौसम के चलते कई बार टाला गया। पहले इसकी लॉन्चिंग 29 मई को तय थी, लेकिन रॉकेट में ईंधन रिसाव और आईएसएस के रूसी हिस्से में लीकेज जैसी तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। मौसम की खराब स्थितियों ने भी देरी में योगदान दिया। अब यह मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सहित चार अंतरिक्ष यात्रियों को पहुंचाना है। वे वहां 14 दिनों तक वैज्ञानिक प्रयोगों और अध्ययनों में भाग लेंगे।
यह मिशन न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान को गति देगा, बल्कि भविष्य में वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, यह युवा पीढ़ी में अंतरिक्ष जागरूकता बढ़ाने और भारत की नई अंतरिक्ष क्षमताओं को दिखाने का माध्यम भी बनेगा।





