रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन ने रूसी एयरबेस पर किया हमला, जवाब में रूस ने ड्रोन से की भारी बमबारी

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर उग्र हो गया है। यूक्रेन ने शनिवार को रूस के वोरोनिश क्षेत्र स्थित बोरिसोग्लब्स्क एयरबेस पर हमला करने का दावा किया है। दूसरी ओर, रूस ने भी रातभर यूक्रेन के कई हिस्सों पर 300 से अधिक ड्रोन से बमबारी की। दोनों देशों के बीच युद्ध को समाप्त करने की कोशिशें लगातार कमजोर पड़ती जा रही हैं, जबकि हमलों की तीव्रता बढ़ती जा रही है।
यूक्रेन के सैन्य जनरल स्टाफ ने एक फेसबुक पोस्ट में बताया कि इस हमले में रूसी एयरबेस पर मौजूद ग्लाइड बम डिपो, एक प्रशिक्षण विमान और अन्य लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया गया। इस एयरबेस पर रूस के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान Su-34, Su-35S और Su-30SM तैनात बताए जाते हैं। हालांकि, रूस की ओर से इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला रूस की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और यूक्रेन की सीमा पार कर भीतर तक मार करने की क्षमता का प्रदर्शन है। इससे पहले भी पिछले महीने यूक्रेन ने रूस के अंदर सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित एयरबेस पर हमले का दावा किया था, जिसमें उसने रूस के 40 से अधिक विमानों को नष्ट करने की बात कही थी।
इस हमले के जवाब में रूस ने भी शनिवार रात यूक्रेन पर जवाबी कार्रवाई की। रूसी सेना ने 322 ड्रोन के जरिए यूक्रेन के विभिन्न इलाकों को निशाना बनाया। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने इनमें से 157 ड्रोन को मार गिराया, जबकि 135 ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जाम कर दिया गया। रूस के हमले में पश्चिमी यूक्रेन के खमेलनित्सकी क्षेत्र को विशेष रूप से निशाना बनाया गया, हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले शुक्रवार रात को भी रूस ने कीव पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए थे।
इन ताजा हमलों के बीच शुक्रवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच बातचीत हुई। जेलेंस्की ने कहा कि उनकी ट्रम्प के साथ “बहुत अच्छी बातचीत” हुई, जिसमें यूक्रेनी एयर डिफेंस को मजबूत करने और अमेरिका-यूक्रेन के बीच संयुक्त हथियार उत्पादन पर चर्चा हुई।
रूस-यूक्रेन युद्ध के तीसरे साल में प्रवेश कर जाने के बावजूद संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है और दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है।





