उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: रुद्रप्रयाग में अलकनंदा-मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन हाई अलर्ट पर

उत्तराखंड मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश के बीच रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और चेतावनी स्तर के करीब पहुंचते ही अलर्ट सिस्टम सक्रिय करने की तैयारी कर ली है।
अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार के अनुसार, ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
फिलहाल नदी का जलस्तर 622 मीटर पर है, जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर निर्धारित किया गया है। यदि जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचता है, तो प्रशासन तुरंत अलर्ट जारी करेगा।
अलर्ट सिस्टम होगा सक्रिय
प्रशासन ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कई स्तरों पर लोगों को सतर्क किया जाएगा। इसके तहत—
- व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अलर्ट जारी किए जाएंगे।
- वाहनों से सार्वजनिक घोषणाएं कर लोगों को चेतावनी दी जाएगी।
- राहत एवं बचाव दल और स्थानीय कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देंगे।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
बुधवार सुबह से जारी बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर 622 मीटर से बढ़कर 622.5 मीटर तक पहुंच गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो अलकनंदा और मंदाकिनी दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों को सलाह
जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी किनारों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रुद्रप्रयाग जिले में 4 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक जिले में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और नदी जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन व मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।





