महिला सम्मान योजना पर मचा बवाल, दिल्ली सरकार ने नोटिस जारी कर दी सफाई

नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से शुरू की गई महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना को लेकर बवाल शुरू हो गया है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने अलग-अलग पब्लिक नोटिस जारी कर कहा है कि, “उसे मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी मिली है कि एक राजनीतिक दल ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ के तहत दिल्ली की महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने का दावा कर रहा है. यह स्पष्ट किया जाता है कि दिल्ली सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना अधिसूचित नहीं की गई है.”
“इस बात पर जोर दिया जाता है कि चूंकि ऐसी कोई योजना अस्तित्व में नहीं है, इसलिए इस गैर-मौजूद योजना के तहत पंजीकरण के लिए फॉर्म/आवेदन स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता. कोई भी निजी व्यक्ति/राजनीतिक दल जो इस योजना के नाम पर फॉर्म/आवेदन एकत्र कर रहा है या आवेदकों से जानकारी एकत्र कर रहा है, वह धोखाधड़ी कर रहा है और उसके पास कोई अधिकार नहीं है”: महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली सरकार
इसको लेकर अरविंद केजरीवाल का बयान आ गया है. उन्होंने कहा है कि महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना से ये लोग बुरी तरह से बौखला गए हैं. अगले कुछ दिनों में फ़र्ज़ी केस बनाकर आतिशी को गिरफ्तार करने का इन्होंने प्लान बनाया है. उसके पहले आप के सीनियर नेताओं पर रेड की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस मसले पर वह 12 बजे इस पर प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.
बीजेपी ने साधा निशाना
भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल बहुत बड़े धोखेबाज हैं. जब वे फॉर्म भरवा रहे थे, तब उनके ही विभाग (दिल्ली सरकार का महिला एवं बाल विकास) ने स्पष्ट किया कि 2100 रुपये भत्ता देने की कोई योजना नहीं है. इस योजना के लिए फॉर्म भरवाने वाले निजी लोग हैं, जो अवैध रूप से डेटा इकट्ठा करने के लिए ऐसा कर रहे हैं.
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “आज दिल्ली की जनता इस खबर से हैरान है कि दिल्ली सरकार का विभाग विज्ञापन जारी कर रहा है कि ये धोखाधड़ी है और दिल्ली की जनता इससे सावधान रहे. ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और ऐसी कोई योजना नहीं है. अरविंद केजरीवाल इतना नीचे गिर गए हैं कि वो दिल्ली की जनता को धोखा दे रहे हैं. अब ये बात सामने आ रही है कि जो लोग हस्ताक्षर कर रहे हैं उनके खातों से पैसे निकाले जा सकते हैं. आतिशी चुप क्यों हैं, वो मुख्यमंत्री हैं.”





