“परिस्थितियां कभी चुनौतीपूर्ण होती हैं तो कभी अच्छी…”: RSS प्रमुख मोहन भागवत

महाराष्ट्र: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजा की. पद्म भूषण और पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन भी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
#WATCH महाराष्ट्र: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजा की।
पद्म भूषण और पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन भी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। pic.twitter.com/tNzpQMfmMG
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) October 12, 2024
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “परिस्थितियां कभी चुनौतीपूर्ण होती हैं तो कभी अच्छी… मानव जीवन भौतिक रूप से पहले से अधिक खुशहाल है लेकिन हम देखते हैं कि इस खुशहाल और विकसित मानव समाज में भी कई संघर्ष जारी हैं. इजरायल और हमास के बीच जो युद्ध शुरू हुआ है – हर कोई इस बात को लेकर चिंतित है कि यह कितना व्यापक होगा और इसका दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.”
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो हुआ? उसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं, लेकिन जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे. लेकिन, उस अराजकता के कारण, हिंदुओं पर अत्याचार करने की परंपरा वहां दोहराई गई. पहली बार, हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे. लेकिन, जब तक क्रोध में आकर अत्याचार करने की यह कट्टरपंथी प्रवृत्ति होगी – तब तक न केवल हिंदू, बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में होंगे. उन्हें पूरी दुनिया के हिंदुओं से मदद की ज़रूरत है. यह उनकी ज़रूरत है कि भारत सरकार उनकी मदद करे… अगर हम कमज़ोर हैं, तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं. हम जहाँ भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की ज़रूरत है…”
युद्ध में तकनीक के हो रहे बढ़ते चलन का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा, ‘अब युद्ध करने का तरीका बदल गया है. अब पहले जैसा आपस में युद्ध करना आसान नहीं रह गया है. अब युद्ध को मंत्र विप्लव कहते हैं, हमारी परंपरा में इसे इसी नाम से जाना जाता है. उनको देश में भी अपने जैसे कई लोग मिल जाते हैं. उनकी आड़ में ये अपनी पद्धतियां चलाते हैं. ये कोई छिपी हुई बात नहीं है. इसे लेकर पाश्चात्य देशों से कई पुस्तकें निकल रही हैं, ये मैं अपने मन से नहीं कह रह हूं. भारत के सीमावर्ती देशों में इसके चलते क्या-क्या हो रहा है ये हम देख सकते हैं.





