राजस्थान में बढ़ते कोरोना मामलों ने बढ़ाई चिंता, जयपुर में बच्चा ICU में भर्ती

राजस्थान में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। जयपुर स्थित सवाई मान सिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्राचार्य और नियंत्रक डॉ. दीपक माहेश्वरी ने जानकारी दी है कि पिछले कुछ दिनों में अस्पताल में कोरोना के आठ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक बच्चा गंभीर हालत में ICU में भर्ती है और उसकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की मृत्यु भी हुई है, लेकिन वह कोविड के कारण नहीं थी।
Rajasthan: 8 COVID cases reported in SMS Hospital in Jaipur, one child in critical state
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— ANI Digital (@ani_digital) May 28, 2025
डॉ. माहेश्वरी के अनुसार वर्तमान में सामने आ रहे कोरोना मामलों में अधिकतर हल्के लक्षण हैं। मरीजों में ऊपरी श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं देखी जा रही हैं, जबकि फेफड़ों में कोई गंभीर संक्रमण नहीं पाया गया है। ये मामले सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सामने आ रहे हैं और अधिकतर लोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जा रहे हैं। अस्पताल में कोविड की जांच की पूरी सुविधा उपलब्ध है, साथ ही इलाज के लिए पर्याप्त वार्ड और ICU भी तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और गंभीर मामलों की निगरानी की जा रही है। गंभीर रूप से बीमार बच्चे का इलाज फिलहाल ICU में किया जा रहा है और उसके कोविड सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता चल सके कि वह किस वेरिएंट से संक्रमित है।
मंगलवार को राजस्थान में कुल 9 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए, जिनमें दो केस AIIMS जोधपुर से और सात केस जयपुर से सामने आए हैं। अब तक राज्य में कुल 29 सक्रिय मामले सामने आ चुके हैं। जयपुर में 13, जोधपुर में 6, उदयपुर में 4, डीडवाना में 3, अजमेर में 2, बीकानेर, फालोदी, सवाई माधोपुर और अन्य स्थानों से 1-1 मामले दर्ज किए गए हैं।
इस बीच, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में कोरोना संक्रमण फिर से फैल रहा है, लेकिन यह चिंता का विषय नहीं है क्योंकि फिलहाल जो वेरिएंट सक्रिय हैं, वे ओमिक्रोन की तरह ही हल्के लक्षण पैदा कर रहे हैं। डॉ. डैंग्स लैब के सीईओ अर्जुन डैंग ने बताया कि वर्तमान में जो मामले आ रहे हैं, वे ओमिक्रोन के सब-वेरिएंट्स हैं। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों में LF7 और NV181 नामक वेरिएंट्स फैल रहे हैं, जिन्हें ‘Variants Under Monitoring’ की श्रेणी में रखा गया है। ये वेरिएंट्स ज्यादा संक्रामक हैं और आसानी से लोगों को संक्रमित कर सकते हैं, लेकिन अब तक इनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों की राय है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र तैयार है। लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, भीड़भाड़ से बचें और ज़रूरत पड़ने पर जांच करवाएं। हालांकि, स्थिति सामान्य बनी हुई है और अस्पतालों में इलाज की पर्याप्त सुविधा मौजूद है।





