RG कर अस्पताल कांड: परिजनों ने की PM मोदी से मिलने की मांग

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दर्दनाक अपराध मामले में अदालत ने आरोपी को सजा सुना दी है। अदालत ने दोषी संजय रॉय, जो कोलकाता पुलिस का नागरिक स्वयंसेवक था, को मृत्युदंड के बजाय आजीवन कारावास की सजा दी। हालांकि, पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि इस जघन्य अपराध में और भी लोग शामिल थे, जिन्हें सजा मिलनी चाहिए।
शोकाकुल मां ने कहा कि वे अपनी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं और इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा रखते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बोलते हुए, उन्होंने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी बेटी के लिए न्याय की अपील करना चाहती हूं। उसे हमें छोड़े हुए सात महीने हो गए, लेकिन अब तक हमें न्याय नहीं मिला। यहां तक कि हमें उसकी मृत्यु का प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया है। अगर एक महिला डॉक्टर अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की क्या स्थिति होगी?”
पीड़िता की मां द्वारा प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा जताने पर भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से मिलने की एक प्रक्रिया होती है, और उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री पीड़िता के माता-पिता को समय देंगे और उनकी बात सुनेंगे।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की नेता और राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “इस देश में हर किसी को प्रधानमंत्री से मिलने का अधिकार है, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि हमारी नेता ममता बनर्जी ने ही सबसे पहले इस मामले में कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार करवाया।”
इस मामले में 20 जनवरी को अदालत ने फैसला सुनाया था, जिसमें दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा दी गई। हालांकि, सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
पिछले साल 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और व्यापक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।





