₹590 करोड़ के फ्रॉड मामले पर RBI का बयान, बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने IDFC फर्स्ट बैंक में सामने आए ₹590 करोड़ के फ्रॉड मामले को लेकर स्थिति पर नज़र बनाए रखी है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा है कि इस घटना से बैंकिंग सिस्टम पर कोई व्यापक खतरा नहीं है और फिलहाल इसे सिस्टमिक इश्यू नहीं माना जा रहा।
दरअसल, IDFC फर्स्ट बैंक ने रविवार को जानकारी दी थी कि चंडीगढ़ की एक शाखा में कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से ₹590 करोड़ की धोखाधड़ी हुई है। यह फ्रॉड हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास खातों में किया गया, जो उसी शाखा के ज़रिए संचालित हो रहे थे।
सोमवार को बजट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा RBI के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को दिए गए पारंपरिक संबोधन के बाद गवर्नर मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि RBI पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और अभी तक ऐसा कुछ नहीं है जिससे पूरे बैंकिंग सिस्टम पर असर पड़े।
बैंक की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह धोखाधड़ी केवल हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ चुनिंदा खातों तक सीमित है। चंडीगढ़ शाखा के अन्य ग्राहकों के खातों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। RBI ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है।





