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Quit India Movement: भाजपा ने आंदोलन के याद में संसद परिसर में किया प्रदर्शन, इन तीन को बनाया प्रदर्शन का मुद्दों

Quit India Movement: भाजपा ने आंदोलन के याद में संसद परिसर में किया प्रदर्शन, इन तीन को बनाया प्रदर्शन का मुद्दों

 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत साल 1942 में आज ही के दिन यानी 9 अगस्‍त को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई अधिवेशन से की थी। भारत में हर साल आज यानी 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज इस आंदोलन को करीब 81 साल पूरे हो गए हैं।

ऐसे में देश में भारत छोड़ो आंदोलन दिवस को मनाया जा रहा है। ऐसे में भाजपा ने भी इस मौके पर प्रदर्शन कर आंदोलन को याद किया। भाजपा ने आज देश की संसद परिसर में भारत छोड़ो आंदोलन के नारे लगा कर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा ने तीन बिंदुओं को अपने आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया।  इस दौरान भाजप के सांसदों ने  ‘भ्रष्टाचार भारत छोड़ो, वंशवाद भारत छोड़ो’ और ‘तुष्टीकरण भारत छोड़ो’ के नारे लगाए गए।

ऐसे में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवारवाद आदतन अलोकतांत्रिक और गैर-जिम्मेदार होता है…I.N.D.I.A गठबंधन को ‘घमंडिया’ कहा गया है और वे इसके पूरी तरह हकदार हैं – ‘घमंडिया’ गठबंधन। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन महात्मा गांधी ने 1942 में अंग्रेज़ों भारत छोड़ो का नारा दिया था और QUIT INDIA मूवमेंट की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री ने आह्वान किया है जिसमें तीन बातें कही गई हैं- परिवारवाद भारत छोड़ो, भ्रष्टाचार भारत छोड़ो और तुष्टिकरण भारत छोड़ो। अगर देश के लोकतांत्रिक अस्तित्व को बचाना है तो इन तीनों को भारत छोड़ना होगा।

वहीं भाजपा सांसदों के आंदोलन में शामिल निशिकांत दुबे ने कहा कि इन 75 सालों में कांग्रेस और उनके समर्थन वाली पार्टियों ने देश को तीन चीजें दीं जो देश को दीमक की तरह खा रही हैं। एक है वंशवाद…दूसरा है भ्रष्टाचार… तीसरा है तुष्टीकरण… अल्पसंख्यकों को गुमराह करके वोट बैंक की राजनीति हो रही है और वे देश में नीतियों को लागू नहीं होने दे रहे।

इसके साथ ही विपक्षी सांसदों ने भी 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन को याद करते हुए संसद परिसर में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।  मीडिया से बातचीत में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा और भारत छोड़ो के बीच क्या संबंध है? उनके लोगों ने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया था…इसका क्या मतलब है कि वे भारत छोड़ो दिवस पर कुछ कह रहे हैं? यह एक ऐतिहासिक दिन है…हम PM मोदी की मौजूदगी में संसद में बहस की मांग कर रहे हैं। PM संसद में आ ही नहीं रहे हैं…वे मणिपुर के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। अब भारत छोड़ो आंदोलन हमें इस सरकार की याद दिलाता है।

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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