भारत-स्लोवाक संबंधों को मजबूती देने पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी दो-राष्ट्र यात्रा के दूसरे चरण में बुधवार को स्लोवाक गणराज्य की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचीं। यहां राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने राष्ट्रपति भवन में उनका पारंपरिक और गर्मजोशी से स्वागत किया। इस ऐतिहासिक यात्रा के साथ राष्ट्रपति मुर्मू स्लोवाकिया की यात्रा करने वाली दूसरी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष बन गई हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू को स्लोवाक परंपरा के अनुरूप रोटी और नमक भेंट कर सम्मानित किया गया—यह परंपरा मेहमाननवाज़ी, मित्रता और सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। लोक परिधान पहने स्थानीय नागरिकों ने इस रस्म को निभाया। इसके बाद राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि यह भारत से स्लोवाकिया की लगभग तीन दशकों में पहली राष्ट्रपति यात्रा है। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी और स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको व राष्ट्रीय परिषद के अध्यक्ष रिचर्ड रासी से मुलाकात करेंगी। साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे।
भारत और स्लोवाक गणराज्य के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) तन्मय लाल के अनुसार, स्लोवाकिया में संस्कृत और भारतीय दर्शन के प्रति विशेष रुचि है। महात्मा गांधी की रचनाएं स्लोवाक भाषा में अनूदित की जा चुकी हैं। साथ ही, 2022 में यूक्रेन संकट के दौरान स्लोवाकिया ने भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई थी।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





