PM मोदी का ब्रिटेन-मालदीव दौरा: व्यापार, रक्षा और कूटनीति का तिहरा एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जुलाई को ब्रिटेन के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। इस अहम यात्रा के दौरान भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच लंबे समय से चर्चित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर औपचारिक रूप से साइन किए जाएंगे। इस करार को दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर से बातचीत करेंगे और उन्हें लंदन के पास स्थित चेकर्स कंट्री हाउस में आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे।
यह ऐतिहासिक करार भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन रेनॉल्ड्स द्वारा साइन किया जाएगा। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में यह समझौता होगा। बताया जा रहा है कि इस समझौते से भारत के लगभग 99% निर्यातकों को फायदा होगा क्योंकि कई उत्पादों पर टैरिफ हटा दिए जाएंगे। वहीं ब्रिटेन के लिए भारत में व्हिस्की और कारों का निर्यात आसान होगा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि “समझौते को अंतिम रूप देने का आखिरी दौर चल रहा है।” ब्रिटेन के लिए यह ब्रेग्जिट के बाद सबसे बड़ी व्यापारिक सफलता मानी जा रही है। वर्ष 2023–24 में भारत और ब्रिटेन के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 55 अरब डॉलर को पार कर गया। ब्रिटेन भारत में छठवां सबसे बड़ा निवेशक है, जो अब तक 36 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है। वहीं करीब 1,000 भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में 1 लाख लोगों को रोजगार दे रही हैं। भारत का ब्रिटेन में कुल निवेश 20 अरब डॉलर के करीब है।
व्यापार के अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा और उच्च तकनीक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की योजना है। भारत और ब्रिटेन की सेनाएं एक-दूसरे के साथ लगातार संयुक्त अभ्यास कर रही हैं और अब दोनों देश इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम्स पर भी साथ काम कर रहे हैं। एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन ने भारत में गुरुग्राम में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस खोला है, जो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हुआ है। अन्य ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज भी भारत में अपने सेंटर खोलने की तैयारी कर रही हैं।
ब्रिटेन दौरे के बाद पीएम मोदी 25 जुलाई को मालदीव पहुंचेंगे। यहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्जू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और कई भारत-सहायता प्राप्त विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मालदीव की स्वतंत्रता दिवस परेड में “मुख्य अतिथि” के रूप में शामिल होंगे। यह यात्रा भारत के पड़ोसी देशों से रिश्ते मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





