पीएम मोदी का दीपावली संदेश: भारत की विजय, एकता और प्रगति का उत्सव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक पत्र के माध्यम से देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और भगवान राम के आदर्शों को हाल ही में हुई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जैसे भगवान राम हमें मर्यादा और धर्म का पालन करना सिखाते हैं, वैसे ही अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा भी देते हैं, और इसी भावना को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में जीकर दिखाया।
पीएम मोदी ने लिखा, “ऊर्जा और उत्साह से भरपूर इस दीपोत्सव पर मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद दूसरा दीपोत्सव है। भगवान श्रीराम धर्म की रक्षा करना सिखाते हैं और अन्याय के खिलाफ लड़ने का साहस भी देते हैं। हमने यही सिद्धांत कुछ महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर में देखा, जब भारत ने न सिर्फ न्याय किया बल्कि अन्याय का बदला भी लिया।”
उन्होंने बताया कि इस दीपावली का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि पहली बार देश के उन जिलों में भी दीप जलाए जाएंगे जहां कभी नक्सलवाद और माओवादी आतंक की जड़ें थीं। अब वहां हिंसा की जगह विकास की राह चुनी गई है। आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से जीएसटी दरों में कमी लागू की गई। इस ‘जीएसटी बचत उत्सव’ से देशवासियों ने हजारों करोड़ रुपये की बचत की है।
उन्होंने स्वदेशी अपनाने और राष्ट्र गर्व को बढ़ाने का आह्वान भी किया। “दुनिया के संकटग्रस्त माहौल में भारत स्थिरता और संवेदनशीलता का प्रतीक बनकर उभरा है। हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर हैं।”
प्रधानमंत्री ने नागरिक कर्तव्यों पर जोर देते हुए कहा, “विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमारा कर्तव्य है कि हम स्वदेशी उत्पाद अपनाएं और गर्व से कहें—‘यह स्वदेशी है।’ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करें, सभी भाषाओं का सम्मान करें, स्वच्छता रखें, स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, खाने में तेल का उपयोग 10% कम करें और योग को अपनाएं।”
अंत में उन्होंने कहा, “दीपावली हमें सिखाती है कि जब एक दीपक दूसरे को जलाता है तो उसका प्रकाश कम नहीं होता, बल्कि बढ़ता है। आइए हम भी समाज में सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता के दीप जलाएं। आप सभी को हार्दिक शुभ दीपावली।”





