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लाल किला ब्लास्ट पीड़ितों से मिलने लोक नायक अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को भूटान के दो दिवसीय दौरे से दिल्ली लौटते ही लोक नायक अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने लाल किले के पास हुए विस्फोट में घायल लोगों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली। अस्पताल परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, क्योंकि सभी घायलों का इलाज यहीं चल रहा है। प्रधानमंत्री ने डॉक्टरों से घायलों की हालत की जानकारी ली और पीड़ितों के परिवारों से भी बातचीत की।


यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:50 बजे एक सफेद रंग की Hyundai i20 कार में हुआ, जो धीरे-धीरे चल रही थी। विस्फोट ने आसपास खड़ी कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाके की वजह से कई वाहन जलकर राख हो गए।

धमाका उस समय हुआ जब कुछ ही घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं। जांच में 2,900 किलो विस्फोटक बरामद किया गया है। सीबीआई और एनआईए की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गज़वत-उल-हिंद से जुड़ा है, जो कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ था।

गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों की पहचान डॉ. मुझम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। यहीं से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया। अल फलाह यूनिवर्सिटी, जो दिल्ली से करीब 45 किलोमीटर दूर धौज में स्थित है, एक निजी संस्थान है जिसे यूजीसी (UGC) से मान्यता प्राप्त है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि विस्फोटक कार चला रहा डॉ. उमर नबी भी अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था और वह धमाके में मारा गया। सूत्रों के अनुसार, गनाई और उमर ने धमाके से पहले लाल किले के इलाके की रेकी (जांच) की थी। दोनों पहले दीवाली पर हमला करने की योजना बना रहे थे, लेकिन इसे अंजाम नहीं दे पाए। अब संकेत मिले हैं कि वे गणतंत्र दिवस पर बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे थे।

फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, कार में ANFO (Ammonium Nitrate Fuel Oil) जैसे विस्फोटक पदार्थ भरे गए थे, जिन्हें मैन्युअली डिटोनेट किया गया। इससे यह भी संभावना जताई जा रही है कि यह आत्मघाती हमला था। जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके में इस्तेमाल किए गए हाई-ग्रेड विस्फोटक की क्षमता साधारण अमोनियम नाइट्रेट से कहीं ज़्यादा थी। फिलहाल एनआईए और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की संयुक्त टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें आतंकियों की फंडिंग और डिजिटल नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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