“जर्मनी को भारत की छमता पर भरोसा…”: 7वीं IGC बैठक में PM Modi

नई दिल्ली: जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ 7वीं IGC बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा…”ये आपकी(जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़) तीसरी भारत यात्रा है और ये मेरे तीसरे कार्यकाल की पहली IGC बैठक है. बर्लिन में हुई पिछली IGC बैठक के दौरान हमने द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे. 2 सालों में हमारी रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साहजनक प्रगति हुई है. रक्षा,टेक्नोलॉजी, एनर्जी, ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास का प्रतीक बना है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “विश्व तनाव, संघर्ष और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रहा है. इंडो इंडो पैसिफिक में रूल ऑफ लॉ और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन को लेकर भी गंभीर चिंताएं हैं. ऐसे में भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी एक मजबूत एंकर के रूप में उभरी है…”
जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के साथ बैठक के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सबसे पहले मैं चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करता हूं. मुझे खुशी है कि हमें पिछले दो वर्षों में तीसरी बार आपका भारत में स्वागत करने का अवसर मिला है. भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी की व्यापकता का अनुमान आप पिछले 2-3 दिनों की गतिविधियों से लगा सकते हैं. आज सुबह हमें जर्मनी के एशिया पैसिफिक बिजनेस जगत की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने का अवसर मिला. मेरे तीसरे कार्यकाल की पहली IGC बैठक अभी कुछ देर पहले संपन्न हुई है. अभी हम CEO फॉरम की बैठक से आ रहे हैं. इसी समय गोवा में जर्मन नौसेना की शिप पोर्ट कॉल कर रही है और खेल जगत भी पीछे नहीं है. हमारी हॉकी टीमों के बीच फ्रेंडली मैच खेले जा रहे हैं.”
जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है. गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान पर समझौता इस दिशा में एक नया कदम है. आज संपन्न हुई पारस्परिक कानूनी सहायक संधि, आतंकवाद और अलगाववादी तत्वों से निपटने के हमारे संयुक्त प्रयासों को मजबूत करेगी… यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष हम दोनों के लिए चिंता का विषय हैं. भारत का हमेशा से मानना रहा है कि युद्ध से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता और भारत शांति बहाली के लिए हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…भारत की युवा शक्ति जर्मनी की समृद्धि और विकास में योगदान दे रही है. हम भारत के लिए जर्मनी की कुशल श्रम रणनीतियों का स्वागत करते हैं… हमारी (भारत और जर्मनी) साझेदारी में स्पष्टता है और इसका भविष्य उज्ज्वल है…”





