“मैं अपने आराध्य देव के चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं…”: महाराष्ट्र के पालघर से PM मोदी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने महाराष्ट्र के पालघर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाढवण बंदरगाह परियोजना की आधारशिला रखी व विकास कार्यों का शुभारंभ किया. इस दौरान पीएम ने मंच से कहा, मैं आज सिर झुकाकर मेरे आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज इस कार्यक्रम के बारे में बात करने से पहले मैं अपने दिल की भावनाएं व्यक्त करना चाहता हूं. जब 2013 में भाजपा ने मुझे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया, तो सबसे पहले मैंने रायगढ़ किले में जाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के सामने बैठकर प्रार्थना की और उनका आशीर्वाद लिया… पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो कुछ भी हुआ, मेरे और मेरे सभी साथियों के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक नाम नहीं हैं, हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे आराध्य देवता हैं. मैं आज अपने आराध्य देव की चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं…”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे संस्कार अलग हैं, हम वो लोग नहीं हैं जो भारत माता के महान सपूत वीर सावरकर को गाली देते रहें, उनका अपमान करते रहें, देशभक्तों की भावनाओं को कुचलते रहें, और उसके बावजूद माफ़ी मांगने को तैयार न हों… ऐसे महान सपूतों का अपमान करने के बाद जिन्हें पश्चाताप न हो, उनके संस्कार महाराष्ट्र की जनता जान लें…”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज महाराष्ट्र की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक दिन है, ये भारत की विकास यात्रा के लिए बहुत बड़ा दिन है. विकसित महाराष्ट्र, विकसित भारत के संकल्प का सबसे अहम हिस्सा है, इसलिए महाराष्ट्र के लिए लगातार बड़े फैसले लिए गए हैं. महाराष्ट्र में विकास के लिए ज़रूरी सामर्थ्य है, संसाधन हैं, समुद्री तट हैं और इन तटों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार का सदियों पुराना इतिहास है और यहां भविष्य की अपार संभावनाएं भी हैं. इन अवसरों का पूरा लाभ महाराष्ट्र को और देश को मिले इसके लिए आज वाढवण पोर्ट की नींव रखी गई है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पिछले 1 दशक में भारत के समुद्री तट पर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है, हमने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया है, जलमार्गों का विकास किया है… इस दिशा में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है. निजी निवेश भी बढ़ा है… इसका लाभ हमारे युवाओं को मिल रहा है, उन्हें नए अवसर मिल रहे हैं… आज पूरी दुनिया की नजर वाढवण पोर्ट पर है… इससे इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल जाएगी.”





