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अमेरिका–इज़राइल के ईरान पर हमले के बाद PM मोदी ने की उच्च स्तरीय बैठक

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के अंदर किए गए हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक बुलाई। सरकारी बयान के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान के भीतर हुए हमलों और उसके बाद खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तनाव पर विस्तृत जानकारी दी गई।

96 लाख भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

बैठक में खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लगभग 96 लाख भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। इनमें से करीब 10,000 भारतीय ईरान में मौजूद हैं। सरकार ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए “आवश्यक और व्यावहारिक कदम” उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

उड़ानों पर असर, यात्री फंसे

क्षेत्र के कई देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानें निलंबित किए जाने से भारतीय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब के जरिए यात्रा करने वाले कई भारतीय यात्री फंसे या डायवर्ट हुए हैं। साथ ही, प्रभावित देशों में परीक्षाओं में शामिल होने वाले भारतीय छात्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

फिलहाल निकासी योजना नहीं

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा हालात और कई देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण तत्काल निकासी योजना पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित देशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रही है।

विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी

Ministry of External Affairs ने ईरान, इज़राइल, जॉर्डन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और फिलिस्तीन में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि:

  • गैर-जरूरी यात्रा से बचें
  • स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
  • सतर्क और सुरक्षित रहें

तेहरान, तेल अवीव, अबू धाबी और दमिश्क स्थित भारतीय दूतावासों ने आपातकालीन हेल्पलाइन भी सक्रिय कर दी हैं।

विदेश मंत्री की कूटनीतिक पहल

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अपने ईरानी और इज़राइली समकक्षों से अलग-अलग बातचीत की है। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। सरकार ने दोहराया कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।

संवेदनशील कूटनीतिक स्थिति में भारत

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री Narendra Modi हाल ही में इज़राइल की यात्रा कर चुके हैं और दोनों देशों के संबंध “विशेष रणनीतिक साझेदारी” स्तर तक पहुंचे हैं। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव ने भारत को एक संवेदनशील कूटनीतिक स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां उसे अपने रणनीतिक हितों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना है।

भारत की आधिकारिक स्थिति

कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने शत्रुता की जल्द समाप्ति और संवाद की बहाली पर जोर दिया। भारत का स्पष्ट मत है कि मौजूदा संकट का समाधान केवल कूटनीति और बातचीत के जरिए ही संभव है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है, जिसे लेकर भारत सतर्क है।

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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