निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को देना होगा अतिरिक्त शुल्क: रेलवे मंत्री

भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों को तय मुफ्त सीमा से ज्यादा सामान ले जाने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह जानकारी रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में दी। वह सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रेलवे मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे में पहले से ही यात्रा श्रेणी के अनुसार सामान ले जाने के नियम लागू हैं। ये नियम कुछ हद तक हवाई यात्रा के बैगेज नियमों जैसे हैं, जिनमें मुफ्त सामान की सीमा और अधिकतम वजन तय किया गया है।
मौजूदा नियमों के अनुसार, सेकंड क्लास में यात्रा करने वाले यात्री 35 किलो तक सामान मुफ्त ले जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर शुल्क देकर अधिकतम 70 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है। स्लीपर क्लास के यात्रियों को 40 किलो सामान मुफ्त ले जाने की सुविधा मिलती है और वे अधिकतम 80 किलो तक सामान साथ रख सकते हैं।
एसी थ्री टियर और चेयर कार में यात्रा करने वालों के लिए मुफ्त सामान की सीमा 40 किलो तय है और यही अधिकतम सीमा भी है। फर्स्ट क्लास और एसी टू टियर यात्रियों को 50 किलो तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है, जबकि शुल्क देकर वे अधिकतम 100 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। वहीं एसी फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए मुफ्त सीमा 70 किलो और कुल अधिकतम सीमा 150 किलो निर्धारित की गई है।
रेलवे मंत्री ने स्पष्ट किया कि तय अधिकतम सीमा के भीतर अतिरिक्त सामान ले जाने पर यात्रियों को सामान्य लगेज दर का डेढ़ गुना शुल्क देना होगा। तय आकार से बड़े सामान को ब्रेक वैन या पार्सल वैन में बुक कराना अनिवार्य है। साथ ही, किसी भी तरह का व्यावसायिक सामान व्यक्तिगत लगेज के रूप में ले जाने की अनुमति नहीं है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले लगेज से जुड़े नियमों की जानकारी जरूर लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।





