Parliament Winter session Day 6 LIVE: संसद में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, 150 साल पूरे होने पर विशेष सत्र

आज ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में विशेष चर्चा का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् 1905 में महात्मा गांधी के लिए राष्ट्रगान था, लेकिन इसके साथ पिछली सदी में अन्याय हुआ और विवादों में घसीट दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् 1905 में महात्मा गांधी के लिए राष्ट्रगान था, लेकिन इसके साथ पिछली सदी में अन्याय हुआ और विवादों में घसीट दिया गया।#VandeMataram150 #PMModi pic.twitter.com/3zIzunIJsy
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंग्रेजों ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, लेकिन वंदे मातरम् ने एकता और प्रेरणा का प्रतीक बनकर खड़ा रहकर देश को मजबूती दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कहा, “बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने जब वंदे मातरम् की रचना की तो स्वभाविक ही वह स्वतंत्रता आंदोलन का स्वर बन गया, पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण वंदे मातरम् हर भारतीय का संकल्प बन गया…”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने 1875 में की थी, जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेज अत्याचार कर रहे थे। उन्होंने इसे देश के लिए प्रेरणा और साहस का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने 1875 में की थी, जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेज अत्याचार कर रहे थे। उन्होंने इसे देश के लिए प्रेरणा और साहस का प्रतीक बताया।#VandeMataram150 #PMModi pic.twitter.com/4DD0Z5D2zu
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् की 150 वर्षीय यात्रा गुलामी, आपातकाल और देशभक्ति के महत्वपूर्ण पड़ावों से गुज़री, और अब यह गौरव पुनर्स्थापित करने का अवसर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् की 150 वर्षीय यात्रा गुलामी, आपातकाल और देशभक्ति के महत्वपूर्ण पड़ावों से गुज़री, और अब यह गौरव पुनर्स्थापित करने का अवसर है।#VandeMataram150 #PMModi pic.twitter.com/QYTHB7aHm7
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प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कहा, “यही वंदे मातरम् है जिसने 1947 में देश को आज़ादी दिलाई। स्वतंत्रता संग्राम का भावात्मक नेतृत्व इस वंदे मातरम् के जयघोष में था… यहां कोई पक्ष-प्रतिपक्ष नहीं है, हम सबके लिए यह रण स्वीकार करने का अवसर है, जिस वंदे मातरम् के कारण हमारे लोग आज़ादी का आंदोलन चला रहे थे उसी का परिणाम है कि आज हम सब यहां बैठे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संसद के लिए यह गर्व और सम्मान की बात है कि वह ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि वे आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी हैं, क्योंकि यह गीत 150 वर्ष पूरे कर रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि देश ने हाल ही में अपने संविधान के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। आज ही देश सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मना रहा है, साथ ही गुरु तेज बहादुर की 350वीं शहादत की वर्षगांठ भी स्मरण कर रहा है।





