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राज्यसभा में पास हुआ ऑनलाइन गेमिंग बिल, ऑनलाइन मनी गेम्स पर लगेगा बैन

गुरुवार को राज्यसभा ने हंगामे के बीच ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन और रेगुलेशन) बिल को मंजूरी दे दी। विपक्ष के विरोध के बावजूद यह बिल वॉयस वोट से पास हुआ। बिल पास होने के बाद राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। यह बिल केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था। बिल का मकसद है ऑनलाइन मनी गेम्स को पूरी तरह बैन करना, जबकि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना।


बिल के तहत ऑनलाइन मनी गेम्स के विज्ञापन पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे। साथ ही बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ऐसे खेलों के लिए फंड ट्रांसफर करने से रोक दिया जाएगा। ऑनलाइन मनी गेम्स को ऐसे खेलों के रूप में परिभाषित किया गया है जिनमें पैसा लगाकर खेला जाता है और बदले में इनाम या पैसा जीतने की उम्मीद होती है। ऐसे गेम्स को कानूनन बैन कर दिया जाएगा।

लोकसभा इस बिल को एक दिन पहले ही पास कर चुकी है। अब दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद, इस तरह के गेम्स को ऑफर करने या सुविधा देने पर 3 साल तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। राज्यसभा में चर्चा के दौरान मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “लोग ऑनलाइन मनी गेम्स में अपनी जिंदगी की कमाई गंवा रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि इस बिल पर पिछले तीन साल से काम हो रहा है और इस दौरान इंडस्ट्री से बातचीत कर यह तय किया गया कि किस तरह इस नुकसान को रोका और कम किया जा सकता है। वैष्णव ने आगे कहा कि सरकार का मकसद है अच्छे गेम्स को बढ़ावा देना और भारत को गेम डेवलपमेंट का हब बनाना। इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (IICT) जैसी संस्थाओं में गेमिंग को अहम सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है।

मंत्री ने यह भी बताया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग और आतंकी संगठनों द्वारा मैसेजिंग के लिए किया गया है। इसलिए यह बिल बेहद जरूरी है। इस कानून से कई पॉपुलर गेमिंग प्लेटफॉर्म प्रभावित होंगे, जिनमें Dream11, MPL (Mobile Premier League), Howzat, SG11 Fantasy, WinZO और PokerBaazi जैसे नाम शामिल हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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