नीतीश कुमार ने छोड़ी विधान परिषद सीट, बिहार में अगले CM को लेकर सस्पेंस तेज

Bihar: बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उन्होंने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए लिया है। उनके इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजरें अगले मुख्यमंत्री पर टिकी हुई हैं।
संवैधानिक नियमों के तहत इस्तीफा
नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद संविधान के प्रावधानों के अनुसार उन्हें 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल की सदस्यता छोड़ना जरूरी था। 30 मार्च इस प्रक्रिया की अंतिम तारीख थी, जिस दिन उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया।
संविधान के अनुच्छेद 101 और 190 के तहत बनाए गए नियम स्पष्ट करते हैं कि कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और राज्य विधानमंडल दोनों का सदस्य नहीं रह सकता। इसलिए उन्हें एक पद छोड़ना अनिवार्य था।
नितिन नवीन ने भी छोड़ा पद
इस बीच भाजपा नेता नितिन नवीन ने भी बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वे भी हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं और उन्हें भी नियमों के अनुसार एक पद छोड़ना पड़ा।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए अपने राजनीतिक सफर को याद किया और पार्टी के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिहार में सियासी हलचल तेज
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सियासी माहौल और गर्म हो गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी। राजनीतिक दलों के बीच बैठकों और रणनीति बनाने का दौर तेज हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बिहार में नेतृत्व को लेकर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस
नीतीश कुमार के इस कदम के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अगले मुख्यमंत्री को लेकर हो रही है। अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन कई संभावित चेहरों को लेकर अटकलें तेज हैं।
बिहार की राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में बड़ा प्रभाव डाल सकता है और राज्य के राजनीतिक समीकरणों को भी बदल सकता है।





