निमिषा प्रिया को मिली कानूनी सहायता, परिवार को भी वकील की मदद: विदेश मंत्रालय

यमन में फांसी की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में भारत सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह इस मामले में हर संभव मदद कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि निमिषा प्रिया को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई है और उनके परिवार की मदद के लिए एक वकील भी नियुक्त किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया, “हम यमन के स्थानीय अधिकारियों और निमिषा के परिवार के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि इस मामले का कोई मानवीय और न्यायोचित समाधान निकाला जा सके। पिछले कुछ दिनों में यह प्रयास भी हुआ है कि पीड़ित पक्ष को अधिक समय मिले ताकि वे आपसी समझौते की कोई संभावना तलाश सकें।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और कुछ दोस्त देशों से भी संपर्क में है ताकि कोई सकारात्मक रास्ता निकले। वहीं, नाटो महासचिव मार्क रुटे के उस बयान पर भी भारत ने प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने रूस से तेल खरीदने वाले देशों को सेकंडरी प्रतिबंधों की चेतावनी दी थी।
#WATCH | Delhi | On the case of Nimisha Priya, MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, “… The government of India has been offering all possible assistance. We have provided legal assistance and appointed a lawyer to assist the family… We are also in touch with local… pic.twitter.com/AFEm2CfOBK
— ANI (@ANI) July 17, 2025
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने इस विषय पर आई खबरों को देखा है और हम हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। भारत के नागरिकों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करना हमारी प्राथमिकता है और इसी आधार पर हम बाजार में उपलब्ध विकल्पों और वैश्विक परिस्थितियों को देखकर अपने निर्णय लेते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। भारत पहले भी रूस से तेल खरीदता रहा है और यह आगे भी जारी रहेगा, क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हुआ विषय है।
भारत सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह न सिर्फ अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भी किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेगी।





