विदेश

भारत-डेनमार्क संबंधों को नई मजबूती, प्रधानमंत्री मोदी और मेटे फ्रेडरिक्सन की फोन पर बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने मंगलवार को फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और डेनमार्क के बीच ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द पूरा करने पर अपनी दृढ़ता दिखाई। यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता के लिए डेनमार्क को शुभकामनाएं दीं। यूक्रेन में संघर्ष के शीघ्र समाधान पर भी चर्चा हुई।”


एफटीए और एआई इंपैक्ट समिट पर समर्थन

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, फ्रेडरिक्सन ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने और 2026 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए डेनमार्क के मजबूत समर्थन की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और स्थिरता की बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

दशकों पुराने रिश्ते

भारत और डेनमार्क के बीच 1949 से राजनयिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच हरित ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग है। सितंबर 2020 में हुए वर्चुअल शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय संबंधों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।

भारतीय समुदाय की अहम भूमिका

डेनमार्क में करीब 21,000 एनआरआई और पीआईओ रहते हैं, जो आईटी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वित्त और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं। यह समुदाय भारत-डेनमार्क के रिश्तों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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