लद्दाख में नया रिकॉर्ड: मिग ला दर्रा बना दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल पास

लद्दाख में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने एक और इतिहास रचते हुए दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित मोटर योग्य सड़क का निर्माण किया है। बीआरओ की प्रोजेक्ट हिमांक टीम ने लेह जिले में लिकारू-मिग ला-फुकचे सड़क पर मिग ला दर्रे तक सड़क बनाकर अपना ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह दर्रा समुद्र तल से 19,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
इससे पहले का रिकॉर्ड भी बीआरओ के ही नाम था, जब उन्होंने उमलिंग ला दर्रे पर 19,024 फीट की ऊंचाई पर सड़क का निर्माण किया था। यह ऐतिहासिक उपलब्धि 2 अक्टूबर को उस समय दर्ज की गई, जब प्रोजेक्ट हिमांक के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर विशाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में बीआरओ की टीम मिग ला दर्रे पर पहुंची और वहां राष्ट्रीय ध्वज और बीआरओ का झंडा फहराया।
बीआरओ के अनुसार, यह नई सड़क हानले सेक्टर से भारत-चीन सीमा के पास स्थित फुकचे गांव तक पहुंचने के लिए तीसरा महत्वपूर्ण मार्ग है। यह मार्ग सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है और इससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचा और मजबूत होगा। इसके अलावा, मिग ला दर्रे से सिंधु घाटी के बेहद खूबसूरत नजारे देखे जा सकते हैं, जो लद्दाख में पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे।
गौरतलब है कि बीआरओ अब तक दुनिया के 14 सबसे ऊंचाई पर स्थित मोटर योग्य दर्रों में से 11 का निर्माण कर चुका है। यह संगठन की उत्कृष्ट इंजीनियरिंग क्षमता, कठिन हालात में भी सड़क निर्माण की दृढ़ इच्छाशक्ति और अदम्य साहस का प्रतीक है।





