सीमा की सुरक्षा में नया अध्याय: बीएसएफ बनाएगी पहला ड्रोन स्क्वाड्रन

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की तरफ से हुए ड्रोन हमलों से सबक लेते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बड़ा कदम उठाया है। पहली बार भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक खास ‘ड्रोन स्क्वाड्रन’ बनाने का फैसला किया गया है। इस स्क्वाड्रन को सीमावर्ती इलाकों की चुनिंदा बीएसएफ चौकियों (BOP) पर तैनात किया जाएगा। इसमें निगरानी करने वाले, जासूसी करने वाले और हमला करने वाले ड्रोन शामिल होंगे, जिन्हें चलाने के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित जवान तैयार किए जा रहे हैं।
इस अत्याधुनिक ड्रोन स्क्वाड्रन को बीएसएफ के वेस्टर्न कमांड हेडक्वार्टर, चंडीगढ़ से संचालित किया जाएगा। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत की ओर हजारों ड्रोन भेजे थे, जिनमें से एक ड्रोन ने जम्मू स्थित खारकोला पोस्ट पर बम गिराया था। इस हमले में दो बीएसएफ जवान और एक सेना का जवान शहीद हो गया था।
ड्रोन हमलों को ध्यान में रखते हुए बीएसएफ अब अपनी सीमा चौकियों की दीवारों और छतों को बम रोधी बनवा रही है। साथ ही, रक्षा और खुफिया एजेंसियों की मदद से सीमावर्ती क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन तकनीक भी तैनात करने की योजना बनाई जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह पहले ही बता चुके हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बीएसएफ ने पाकिस्तान की 118 से ज्यादा चौकियों को तबाह कर दिया था।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के करीब 15 दिन बाद, भारतीय सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई बड़े आतंकी ढेर हुए। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए और करीब दो दशकों बाद संघर्ष अपने चरम पर पहुंचा।
पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रहे हमलों का भारत ने सख्ती से जवाब दिया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने न केवल दुश्मन के हमलों को नाकाम किया, बल्कि जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को भी तबाह कर दिया गया। इस कड़ी प्रतिक्रिया से पाकिस्तान बैकफुट पर आ गया और उसने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव बाद में दोनों देशों की आपसी बातचीत के बाद लागू कर दिया गया।
ड्रोन और हाईटेक तकनीक के इस दौर में सीमा सुरक्षा के लिए बीएसएफ का यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने में भी बेहद कारगर साबित होगा। सीमाओं पर तैनात यह ड्रोन स्क्वाड्रन भारत की निगरानी और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को नई मजबूती देगा।





