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NEET पेपर लीक मामला : “एक बात तो साफ है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है…” सुनवाई के दौरान बोला सुप्रीम कोर्ट, 11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

NEET पेपर लीक मामला : “एक बात तो साफ है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है…” सुनवाई के दौरान बोला सुप्रीम कोर्ट, 11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने ‘नीट-यूजी’ 2024 को रद्द करने की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह माना कि कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है। कोर्ट ने इस मामले में दायर कुल 38 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि सवाल यह है कि एक बात तो साफ है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है। सवाल यह है कि इसकी पहुंच कितनी व्यापक है? पेपर लीक होना एक स्वीकार्य तथ्य है।

 

चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस  मनोज मिश्रा की पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए हम लीक की प्रकृति पर विचार कर रहे हैं। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा,  “पेपर लीक पर विवाद नहीं किया जा सकता। हम इसके परिणामों पर भी विचार कर रहे हैं। हम एक आदर्श दुनिया में नहीं रहते हैं, लेकिन दोबारा परीक्षा पर निर्णय लेने से पहले हमें हर पहलू पर गौर करना होगा क्योंकि हम जानते हैं कि हम 23 लाख छात्रों के भविष्य की बात कर रहे हैं।”

NEET मामले में याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता नरेन्द्र हुड्डा ने बताया, “कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात को माना कि पेपर लीक हुआ है। उन्होंने कहा है कि अगर पेपर लीक हुआ है तो यह देखना है उसका प्रभाव कहां तक हुआ है… कोर्ट जानना चाहता है कि अब तक इस मामले में क्या जांच हुई है, कब पेपर लीक हुआ है, वह कितने बड़े पैमाने पर फैला है, यह सब जानने के बाद ही कोर्ट कोई निर्णय लेगी।”

NEET-UG 2024 परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर याचिकाकर्ता और फिजिक्स वल्लाह के CEO अलख पांडे ने कहा, “CJI बेंच ने यह माना कि पेपर लीक हुआ है… वे यह निर्धारित करना चाहते हैं कि पेपर किस हद तक लीक हुआ है… उन्होंने इससे संबंधित समयसीमा के बारे में पूछा है, पेपर कब तैयार किया जाता है? कौन सी समिति इसे तैयार करती है? दो सेटों में पेपर कैसे तैयार किया जाता है? पेपर केंद्रों को कैसे वितरित किया जाता है? वे पेपर लीक के समय का पता लगाने के लिए पेपर की कस्टडी की चेन देखना चाहते थे… अदालत यह निर्धारित करना चाहती है कि क्या यह (पेपर लीक) एक व्यवस्थित विफलता थी या यह कुछ व्यक्तियों की कदाचार के कारण हुआ…”

सुप्रीम कोर्ट ने NTA, केंद्र और CBI को बुधवार, 10 जुलाई को शाम 5 बजे हलफनामा दाखिल करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 11 जुलाई के लिए टाल दी।

गौरतलब है कि इस साल 5 मई को नीट परीक्षा हुई थी। 571 शहरों के 4,750 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 24 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन यह परीक्षा एग्जाम के पहले ही विवादों में आ गई थी।

पेपर लीक और 1563 स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क देने के बाद कई छात्रों ने धांधली और गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इसे लेकर कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों ने संसद में यह मुद्दा उठाया।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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