नीरज का ‘साइलेंट अटैक’ – पहला थ्रो और सीधा फाइनल!

भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर देश का नाम रोशन करते हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने बुधवार को टोक्यो नेशनल स्टेडियम में हुए क्वालिफिकेशन राउंड में केवल एक ही थ्रो में 84.85 मीटर दूर भाला फेंककर फाइनल का टिकट हासिल किया।
फाइनल के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 84.50 मीटर तय किया गया था, जिसे नीरज ने अपने पहले ही प्रयास में पार कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ नीरज ने दिखा दिया कि वह अपनी विश्व चैंपियनशिप की खिताबी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 27 वर्षीय नीरज चोपड़ा फिलहाल दुनिया के नंबर-2 भाला फेंक खिलाड़ी हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 90.23 मीटर है, जो उन्होंने इस साल की शुरुआत में दोहा डायमंड लीग में हासिल किया था। यह भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।
नीरज बोले: “फाइनल के लिए पहले ही थ्रो में क्वालिफाई करना शानदार अनुभव है। अब मुझे खुद को फिट रखना है और अपना ध्यान केंद्रित रखना है। मैं तैयार हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।”
नीरज के अलावा ग्रुप ए से पोलैंड के डाविड वेगनर ने भी 85.67 मीटर के नए व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। जर्मनी के वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी जूलियन वेबर ने पहले प्रयास में चूक की, लेकिन दूसरे प्रयास में 87.21 मीटर की थ्रो फेंक कर क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया।
भारत के एक और खिलाड़ी सचिन यादव ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 83.67 मीटर की थ्रो के साथ ग्रुप ए में छठा स्थान हासिल किया। हालांकि, वह सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। अब उन्हें ग्रुप बी के परिणामों का इंतजार करना होगा, ताकि यह तय हो सके कि वह टॉप 12 में जगह बना पाएंगे या नहीं। टोक्यो ओलंपिक 2020 के सिल्वर मेडलिस्ट याकुब वाडलेज (84.11 मीटर) और ओलंपिक पदक विजेता केशोर्न वॉलकॉट (83.93 मीटर) भी ग्रुप ए में नीरज के पीछे रहे।
पाकिस्तान के स्टार और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अर्शद नदीम ग्रुप बी में अपना क्वालिफिकेशन मुकाबला बाद में शुरू करेंगे। इस ग्रुप में भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह भी हिस्सा लेंगे। कुल मिलाकर 37 खिलाड़ियों में से केवल 12 फाइनल के लिए क्वालिफाई कर पाएंगे। जो खिलाड़ी 84.50 मीटर से ज्यादा थ्रो करेंगे, उन्हें सीधे एंट्री मिलेगी। बाकी बचे स्थानों के लिए सर्वश्रेष्ठ थ्रो वालों को मौका मिलेगा।
पिछली बार 2023 में बुडापेस्ट में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचते हुए 88.17 मीटर की थ्रो के साथ भारत के लिए पहला एथलेटिक्स वर्ल्ड खिताब जीता था। उस समय पाकिस्तान के अर्शद नदीम ने 87.82 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता था। हालांकि पेरिस ओलंपिक 2024 में अर्शद नदीम ने बाज़ी पलट दी थी और नीरज को पीछे छोड़ दिया था।
अब एक बार फिर टोक्यो में गुरुवार को नीरज बनाम अर्शद का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। देशभर की नजरें अब इस महामुकाबले पर टिकी हैं।





