NATO की वाशिंगटन में शिखर वार्ता क्या भारत रुकवा सकता है यूक्रेन युद्ध?

NATO की वाशिंगटन में शिखर वार्ता क्या भारत रुकवा सकता है यूक्रेन युद्ध?
वाशिंगटन डीसी में इन दिनों NATO की शिखर वार्ता हो रही है। बुधवार को NATO शिखर वार्ता का दूसरा दिन था, जहां रूस-यूक्रेन जंग की भी चर्चा हुई। इस मौके पर न्यूज़मोबाइल के एडिटर इन चीफ सौरभ शुक्ला ने यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की हिंदी-उर्दू प्रवक्ता मार्ग्रेट मॅक्लाउड से बातचीत की।
न्यूज़मोबाइल के एडिटर इन चीफ सौरभ ने मार्ग्रेट से कई मुद्दों पर चर्चा की। यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की हिंदी-उर्दू प्रवक्ता मार्ग्रेट मॅक्लाउड ने अपनी बातचीत की शुरुआत नमस्ते से की। इस दौरान सबसे पहले उन्होंने बताया कि इस साल NATO देश अपने रक्षात्मक गठबंधन का 75वां साल मना रहे हैं। इस रक्षात्मक गठबंधन में शक्ति, एकता विकास और इनोवेशन का 75वां साल मनाया जा रहा हैं।
उन्होंने बताया कि वह आने वाले अन्य 75 सालों की तैयारी भी कर रहे हैं, जिससे वह अपने लोगों की रक्षा कर सकें। बातचीत में न्यूज़मोबाइल की तरफ से एडिट इन चीफ सौरभ ने यूक्रेन में हो रहे युद्ध के मुद्दों को लेकर भी उनसे सवाल किया। जहां उन्होंने कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने यह ऐलान किया है कि F16 लड़ाकू विमान यूक्रेन को प्रदान किए जाएंगे जो डेनमार्क और नीदरलैंड से आएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई और तरह की वायु सुरक्षा भी यूक्रेन को देगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जर्मनी भी यूक्रेन को सुरक्षा में सहयता करेगा। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने NATO के शिखर सम्मलेन में यूक्रेन का पूर्ण जोर से समर्थन किया है।
बातचीत के दौरान मार्ग्रेट मॅक्लाउड ने रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले की मंशा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस NATO को कमजोर कर यूक्रेन को विश्व के नक़्शे से मिटा देना चाहता है, लेकिन रूस अपने इस मकसद में कामयाब नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आज का NATO अब तक का सबसे मजबूत गठबंधन है, जिसमें अब करीब 32 देश सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोग अपने देश को कुर्बान नहीं करना चाहते हैं।
मार्ग्रेट मॅक्लाउड ने कहा कि यदि रूस के राष्ट्रपति NATO के सदस्य देश यूक्रेन से युद्ध करते हैं तो NATO नियम के आर्टिकल 05 के तहत गठबंधन के सभी सदस्य देश रूस से युद्ध करेंगे।
रूस- यूक्रेन युद्ध पर भारत की मध्यस्थता को लेकर मार्ग्रेट मॅक्लाउड ने कहा कि भारत और अमेरिका एक अच्छे मित्र देश हैं जो अलग-अलग मुद्दों पर अक्सर चर्चा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से रूस अकेला होता नजर आ रहा है। इसलिए भारत के साथ शिखर वार्ता कर वह दुनिया को यह बताना चाहते हैं कि वह अकेले नहीं है, लेकिन अमेरिका अपने भारत समेत अपने सभी मित्र देशों से यह कह रहा है कि वह रूस पर जोर दें और रूस को यूक्रेन से अपनी सेना बाहर लेने को कहें ताकि विश्व और देश में शांति बहाल हो सके।
यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की हिंदी-उर्दू प्रवक्ता मार्ग्रेट मॅक्लाउड ने भारतीय सरकार को सन्देश देते हुए कहा कि वह रूस के साथ एहतिया के साथ संबंध बनाए और रूस को जल्द से जल्द आक्रमण खत्म करने के लिए कहें।
इसके साथ ही NATO की आगे की रणनीति को लेकर मार्ग्रेट मॅक्लाउड ने कहा कि इस गठबंधन का बस एक ही लक्ष्य है कि वह कैसे भी विश्व में शांति बहाल करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी देश के NATO के साथ जुड़ना चाहते हैं उनके साथ बातचीत जारी रहेगी।





